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दूरबीन से बच्चों ने देखे पक्षी, विशेषज्ञों ने कराई पहचान
राजसमंद - राजसमंद झील की अदब की छतरी पर गुरुवार को बर्ड फेयर हुआ। इसमें तीन सौ विद्यार्थियों को पक्षी विशेषज्ञों ने पक्षियों को पहचानने व इनकी दिनचर्या के बारे में विस्तार से समझाया। दूरबीन में विभिन्न रंगों व प्रजातियों के पक्षियों के बारे में जानकारी लेने के लिए विद्यार्थियों में काफी उत्सुकता देखी गई।
सर वो जो सफेद-सफेद दिख रहा है कौन सा पक्षी है। नीरज के सवाल पर बर्ड एक्सपर्ट अतिरिक्त मुख्य वनसंरक्षक उदयपुर डॉ. एनसी जैन ने उसके आकार के बारे में जानकारी लेते हुए चार फीट के इस पक्षी को रोजी पैलिकन बताया। जैन ने बच्चों को बताया कि इसके बड़े-बड़े पंख होते हैं। इसकी चोंच के नीचे थैली नुमा आकृति बनी होती है। जिसमें यह अपना आहार रखता है। इसका प्रिय भोजन मछली है। तभी निशा ने पूछा सर वो हल्का ब्लेक ((स्लेटी)) कौन सा पक्षी है, जिसकी चोंच गुलाबी है। एक्सपर्ट ने इसकी पहचान कुट्स ((जल मुर्गी)) के बारे में बताई। यह पानी में डूबकर शिकार करती है। इसको छोटी मछलियां बहुत पसंद हैं। बर्ड फेयर के दौरान कोमन कूट, शांवलर, कौमन पोचार्ड, फीसेंट टेल्ड, जकाना, लिटिल कोरमोरेंट, लार्ज कोरमोरेंट, ब्लैक विग्ड स्टिल्ट, कैटल, इगरेट, पैडी बर्ड, स्ट्रीप सहित करीब 40 प्रजातियों की पक्षी दिखे। उपवन संरक्षक वन्यजीव राजसमंद डा. कुमार स्वामी गुप्ता, उप वन संरक्षक बालाजी करी ने बच्चों को जानकारियां दी। पर्यावरण विद दिनेश श्रीमाली, भगवत शर्मा सहित शहर के पक्षी प्रेमी भी मौजूद थे।
झील में दो तीन माह डेरा डालने वाले फ्लेमिंगो, कुर्जा, लौह सारंग बर्ड फेयर के दौरान नजर नहीं आए। जबकि कुछ वर्ष पहले यह बड़ी तादात में यहां प्रवास करते थे।
एस्पट्र्स ने भी इनके नहीं आने पर अफसोस जताया।
राजसमंद झील पर बर्ड फेयर