जनसुनवाई की खानापूर्ति भी आधी-अधूरी
नगर संवाददाता - प्रतापगढ़
असावता पंचायत के रामगढ़ गांव की ९५ वर्षीय वृद्धा पार्वती बेसहारा हैं। वे मुश्किल से ही चल भी पाती हैं। लेकिन पेंशन के लिए अधिकारी उन्हें दौड़ा रहे हैं। एक कार्यालय से दूसरे। करीब छह महीने से। वृद्धा एक तो असहाय हैं और दूसरा कोई देखभाल करने वाला भी नहीं। जीने के लिए और उनके अपने अधिकार के लिए अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा वृद्धा को उठाना पड़ रहा है।
वृद्धा पेंशन के लिए छह माह से भटक रही हैं। गुरुवार को एक बार फिर वे वृद्धा पेंशन चालू कराने के लिए कलेक्ट्री पहुंचीं। वे गांव के ही गजेंद्र सिंह व गोवर्धन धनगर के साथ आईं। महिला के साथ आए गजेंद्र सिंह ने बताया कि वृद्धा इससे पहले तीन-चार बार कलेक्ट्री में ट्रेजरी ऑफिस के चक्कर लगा चुकी हैं। लेकिन उसे संतोषप्रद जवाब नहीं मिला।
ट्रेजरी में कर्मचारियों ने उसे एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर कटवाए। कर्मचारियों द्वारा टालमटोल किए जाने से परेशान उन्होंने कलेक्टर के नाम ज्ञापन भी सौंपा। उन्होंने बताया कि उन्हें छह महीने पहले तक ५०० रुपए की पेंशन मिल रही थी, लेकिन कोषागार विभाग से उसकी पेंशन बिना बताए बंद कर दी गई। पेंशन चालू कराने के लिए वह पैरों से लाचार होने के बाद भी गांव के लोगों से साथ कलेक्ट्री में ट्रेजेरी विभाग गईं। अधिकारियों ने आश्वासन भर दे दिया। कर्मचारियों ने तो उन्हें एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर कटवाए।