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अब भी कई भवन जर्जर, परिषद प्रशासन बेपरवाहनए निर्माणों की जांच करने में रुचि नहीं लेता परिषद प्रशासन, नोटिस थमाने के बाद जर्जर भवनों पर कार्रवाई करने में गुरेज, निर्माण स्वीकृति की आड़ में...
ब्यावर - शहर में अनाधिकृत निर्माण और जर्जर भवनों को लेकर नगर परिषद प्रशासन की बेपरवाही अब खतरे का सबब बनती जा रही है। जर्जर भवनों को गिराना हो या अवैध निर्माण को रोकना हो, महज नोटिस की खानापूर्ति पूरी कर आगे की कार्रवाई को भुला देने की आदत हादसों का कारण बन रही है। जर्जर बिल्डिंग में रहने वाले परिवार तो खतरे में हैं ही, इसके साथ बिल्डिंग के दायरे में बने मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। उपखंड प्रशासन ने निर्माणाधीन भवन की छत ढहने से चार मजदूरों की मौत और तीन के घायल होने को गंभीरता से लेते बुधवार सुबह ही परिषद प्रशासन को तलब किया। साथ ही एक कमेटी का गठन किया, जो शहर में चल रहे अवैध निर्माण और जर्जर भवनों की जांच कर एक माह में रिपोर्ट सौंपेगी।
परिषद ने इन्हें माना था खतरा : मानसून पहले शहर में सर्वे करने के बाद परिषद प्रशासन की ओर से ५२ बिल्डिंगों को जर्जर हालत में माना था। जिन्हें परिषद के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से नोटिस भी जारी हुआ था। इनमें देलवाड़ा, होली चौकी छावनी, गोपालजी मोहल्ला, डिग्गी स्कूल के सामने, शीतला माता गली सूरजपोल गेट, नृसिंह गली, सूरजपोल गेट, बिचड़ली मोहल्ला, मेवाड़ी गेट, तेजा चौक, श्यामसुंदर मार्ग, पीपलिया बाजार, शाहपुरा मोहल्ला, रेगरान छोटा बास, बजारी गली, समता भवन मार्ग, शिवमंदिर क्षेत्र शाहपुरा मोहल्ला, ईएसआई डिस्पेंसरी के निकट, चांगगेट, नेहरू गेट, बोहरा कॉलोनी, अंबेडकर कॉलोनी, सीताराम कॉलोनी, विकास नगर, सरावगी मोहल्ला, छीपा मोहल्ला, कुम्हारान चौक, कसाबान मार्ग, दौलतपोल, मेड़तवाल मार्केट, पुरानी सनातन स्कूल, छीपा गली, लोहरान चौपड़, चमारान मंडी कसाबान मोहल्ला, छीपान मोहल्ला, रेलवे स्टेशन रोड, रेलवे स्टेशन मार्ग और हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र में स्थित बिल्डिंग को जर्जर माना था।
नोटिस नजरअंदाज, खतरा बरकरार : परिषद प्रशासन द्वारा जर्जर बिल्डिंग को खतरा मानते हुए संबंधित मालिकों को नोटिस भी जारी किए गए, मगर इनमें से कुछ ही लोग ऐसे थे, जिन्होंने परिषद के नोटिस को गंभीरता से लेते हुए जर्जर बिल्डिंगों की सुध ली या कुछ एक ने उन्हें जमींदोज करवा दिया। हालांकि ज्यादातर ने नोटिस को नजरअंदाज कर दिया। ऐसे में आज भी ये जर्जर भवन खतरा बने हैं।