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डाउनलोड करेंपुष्कर. राज्य सरकार एक ओर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए लाखों रुपए खर्च कर रही है। दूसरी ओर शैक्षणिक भ्रमण के नाम पर शिक्षक व शिक्षा अधिकारी छात्राओं से खाना बनवा रहे हैं। ऐसा ही एक मामला मंगलवार को पुष्कर में सामने आया। प्रतापगढ़ जिले के 8 जनजाति छात्रावासों की 200 छात्राओं का दल सात दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के दौरान अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी भैंरू लाल मीणा के नेतृत्व में सोमवार रात 2 बजे पुष्कर पहुंचा। रात्रि में छात्राओं के दल को सारस्वत धर्मशाला में ठहराया गया। रात्रि विश्राम के बाद मंगलवार सुबह छात्राओं को शिक्षिकाओं ने खाना बनाने की जिम्मेदारी सौंप दी।
शिक्षिकाओं के कहने पर छात्राओं ने धर्मशाला के बाहर सड़क किनारे फैली गंदगी के बीच खाना बनाना शुरू कर दिया। विडंबना यह थी कि जब छात्राएं दाल-बाटी बनाने के लिए जूझ रही थी। उस वक्त शिक्षिकाएं व शिक्षा अधिकारी धर्मशाला के कमरों में आराम फरमा रहे थे। छात्राओं को सड़क किनारे खाना पकाते देख नगर पालिका बोर्ड के नेता प्रतिपक्ष शिव स्वरूप महर्षि हैरान रह गए। उन्होंने इस पर गहरी नाराजगी प्रकट करते हुए कमरों में आराम कर रहे शिक्षा अधिकारी व शिक्षिकाओं की क्लास ले ली। शिक्षिकाओं ने अपना बचाव करते हुए कहा कि खाना तो रसोइए बना रहे हैं, छात्राएं तो उनकी सिर्फ मदद कर रही है। हकीकत में मौके पर एक भी रसोइया मौजूद नहीं था।
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