अजमेर से आई टीम को झेलना पड़ा विरोध
भास्कर न्यूज - ब्यावर
राजकीय अमृतकौर अस्पताल के पीछे प्रस्तावित मदर एंड चाइल्ड यूनिट का निर्माण चालू करने को लेकर कवायद शुरू कर दी गई है। बुधवार को अजमेर मेडिकल एंड हेल्थ विभाग के पीडब्ल्यूडी डिपार्टमेंट की टीम ने यूनिट निर्माण स्थल पर ले-आउट प्लान के अनुसार नींव खुदाई के लिए सफेद लाइन डालने का काम चालू किया, लेकिन मौके पर काबिज ढपली वालों के विरोध के चलते लाइन डालने का काम पूरा नहीं हो सका। पीडब्ल्यूडी एईएन अरुण माथुर और यूनिट के बिल्डिंग निर्माण करने वाली कंस्ट्रक्शन ठेकेदार कंपनी के प्रतिनिधियों की टीम ने मौके पर पहुंच कर निर्माण के दायरे में आने वाले भू-भाग का चिह्नीकरण किया। नाप-जोख से सीमाज्ञान का काम पूरा करने के बाद बिल्डिंग बनाने के लिए नींव खुदाई स्थल सुनिश्चित कर सफेद लाइन डाली। इसके बाद मौके पर जेसीबी से नींव खुदाई का काम चालू कर दिया। कुछ देर तक नींव खुदाई चलने पर वहां काबिज ढपली वाले एकत्रित होकर मौके पर पहुंच गए। एईएन अरुण माथुर के समक्ष खुदाई का विरोध करते हुए पट्टे मिलने तक काम चालू नहीं करने की मांग पर अड़ गए। इस पर टीम को काम अधूरा छोडऩा पड़ा।
एसडीओ ने दिया कार्रवाई
का आश्वासन
काम बंद कराने पर एईएन माथुर टीम के साथ एसडीओ भगवती प्रसाद के पास पहुंचे और निर्माण कार्य रुकवाने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उनके विभाग को बताया गया कि मौके पर बसे लोगों को नगर परिषद की ओर से पट्टे दिए जा चुके हैं। इसलिए काम चालू करने के मकसद से वे यहां पहुंचे, लेकिन लोगों ने पट्टे नहीं मिलने की बात बताई है। एसडीओ ने परिषद प्रशासन से कार्रवाई करने का
आश्वासन दिया।
तकनीकी तौर पर संभव नहीं ले-आउट वर्क : एसडीओ द्वारा माथुर को अतिक्रमण के अलावा मौके पर खाली पड़े भू-भाग पर काम चालू करने की सलाह दी गई। इस पर माथुर ने तकनीकी तौर पर पूरी भूमि में से खाली भू-भाग पर काम चालू कर पाना नामुमकिन होना बताया। माथुर के अनुसार ले-आउट प्लान के अनुसार मौके पर एक ही बार में नाप-जोख करके लाइनिंग किया जाना जरूरी होता है। आधी जगह पर लाइन डालने के बाद दूसरी जगह लाइन डालने पर दीवारों में
तिरछापन और लंबाई व चौड़ाई में अंतर आने की पूरी संभावना बनी रहती है।