कविताओं के जरिए दी बोस को भावांजलि
भास्कर न्यूज - बांसवाड़ा
दीप शिक्षा साहित्य संगम बांसवाड़ा द्वारा नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती व साहित्यकार स्व.मणि बावरा जयंती पर पृथ्वीगंज होली चौक स्थित बावरा निवास पर काव्य गोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें रचनाकारों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर भावांजलि व्यक्त की। साथ ही, वाग्वारी सम्मान से वयोवृद्ध साहित्यकार जगदीशचंद्र मेहता को सम्मानित किया गया। समारोह में अध्यक्ष पद से संबोधित करते हुए प्रो. वीरबाला भावसार ने कहा कि सृजन एक सतत प्रक्रिया है, जो समाज को नई दिशा प्रदान करती है। विशिष्ट अतिथि डॉ. युधिष्ठिर त्रिवेदी व मुख्य अतिथि भागवत कुंदन ने सुभाषचंद्र बोस द्वारा आजादी की लड़ाई में दिए गए महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख किया। साहित्यकार मणि बावरा का वागड़ अंचल में साहित्य सृजन की भूमिका पर प्रकाश डाला। वहीं जहिर आतिश ने अपनी काव्य रचना खुशियां न मिल सकें किसी को उजाड़ कर...., मोहन दास वैष्णव ने रूठ गए हैं उनको मनाएंगे हम.....रचनाएं सुनाईं। वहीं भूपेंद्र उपाध्याय तनिक, बृजमोहन तूफान, कृष्णा भावसार, उत्सव जैन, भारती भावसार, शारदा पटेल, मनीषा चंचावत, जगदीश मेहता, नरेंद्र नंदन, नंदकिशोर नटखट, कमलेश कमल, आकाश पटेल ने अपनी काव्य रचनाएं प्रस्तुत कीं। संचालन डॉ. दीपक द्विवेदी ने किया।