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चाय हो या गोल गप्पे, बेचने का लाइसेंस जरूरी
भास्कर न्यूज - बांसवाड़ा
आप किसी भी प्रकार की खाद्य सामग्री बेचते हो वह चाय हो या गोल गप्पे या फिर सूखे मेवा, आपको चिकित्सा विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। इसके अब केवल ७ दिन ही शेष बचे हैं। जिले में ७ हजार के करीब लाइसेंस जारी किए जाने हैं। नए नियमों के अनुसार सभी प्रकार के खाद्य पदार्थ बेचने वालों बेचने वालों को केंद्र सरकार के फूड सेफ्टी एक्ट के तहत 4 फरवरी से पहले पंजीकरण कराना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
बिना लाइसेंस के काम करने वाले दुकानदार को 6 माह की कैद या अधिकतम 5 लाख का जुर्माने का प्रावधान रखा गया है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से फूड सेफ्टी एक्ट के तहत लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन कराने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की है। जिले में अभी तक करीब डेढ़ हजार दुकानदारों ने ही इसके लिए आवेदन किया है। चिकित्सा विभाग भी लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन के लिए दुकानदारों को जागरूक कर रहा है, जिससे सभी का रजिस्ट्रेशन हो सकें।
अब ऑनलाइन ही आवेदन
रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस के लिए आवेदन ऑनलाइन जमा किए जा सकते हैं। इस संबंध में सीएमएचओ कार्यालय में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों से संपर्क कर जानकारी ले सकते हैं। लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन में दो माह का समय लगता है।आवेदन जल्दी करना चाहिए ताकि बाद में होने वाली परेशानी से बचा जा सके। कोई भी व्यापारी अपने सभी प्रकार के दस्तावेज सीएमएचओ कार्यालय में जमा करा सकता है। इसके बाद ऑनलाइन करने का जिम्मा चिकित्सा विभाग का ही होगा।
ज्यादा दुकानदार आवेदन करें
॥जिले में 7000 के करीब लाइसेंस जारी किए जाने हैं। कारण, ५ हजार 200 लाइसेंस तो पहले से ही थे, बाकी नए नियमों के अनुसार लाइसेंस के दायरे में आ गए हैं। अभी तक कम ही दुकानदारों ने आवेदन किया है। हम कोशिश कर रहे हैं कि ज्यादा से ज्यादा लोग आवेदन करें।ञ्जञ्ज
उपेंद्र मिश्रा, खाद्य निरीक्षक, चिकित्सा विभाग
यह लाना होगा कागजों में
सालाना 20 लाख रुपए से अधिक का कारोबार करने वाले व्यापारियों को लाइसेंस के लिए पहचान पत्र, एड्रेस पूफ्र, संबंधित दुकान का किरायानामा या रजिस्ट्री। आवेदक यदि निर्माता है तो पानी की रिपोर्ट आदि आवश्यक है। वहीं 12 लाख रुपए सालाना से कम का कारोबार करने वाले खाद्य व्यापारियों के लिए रजिस्ट्रेशन के लिए फोटो पहचान पत्र, एड्रेस पूफ्र, एक फोटो व फीस का भुगतान चालान से करवाना आवश्यक है। दूध बेचने के लिए भी लेनी होगी अनुमति फूड सेफ्टी कानून के दायरे में खाद्य पदार्थों के निर्माता, पैकर्स, थोक व खुदरा विक्रेता, आयात निर्यात करने वाली इकाइयां, होटल, रेस्टोरेंट, क्लब, केंटीन, मिठाई, आईसक्रीम सहित अन्य छोटी दुकानें, ठेले, केटर्स, खाद्य पदार्थों का परिवहन व भंडारण करने वाले, प्रोसेसिंग इकाइयां आदि एक्ट के दायरे में आते हैं। फूड सेफ्टी एक्ट के तहत टी स्टाल लगाने वालों के साथ ही दूध बेचने वालों को भी सीएमएचओ से अनुमति लेनी होगी।
नया नियम - सभी प्रकार की खाद्य सामग्री बेचने वालों को कराना होगा पंजीकरण, रजिस्ट्रेशन कराने के लिए अब ७ दिन ही बचे, ७ हजार में से अब तक 150 कारोबारियों ने ही आवेदन किया