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एनकाउंटर यूपी में हुआ, पुलिस डूंगरपुर में कर रही है छानबीन
नगर संवाददाता - डूंगरपुर
एनकाउंटर यूपी में हुआ, छानबीन डूंगरपुर में हो रही है। घटना ५ साल पहले की है, लेकिन इस केस में यूपी की पुलिस भी संदेह के घेरे में रही है, लिहाजा अब तक जांच ही चल रही है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की टीम उत्तरप्रदेश में हुए दोनों युवकों के एनकाउंटर मामले की यहां बुधवार को दूसरे दिन भी छानबीन करती रही, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है।
मानवाधिकार आयोग के जांच अधिकारी एसएन पांडेय ने बताया कि वर्ष २००८ में राजू उर्फ अजबसिंह व सुरेंद्रसिंह को डूंगरपुर से पकड़कर ले जाया गया था। ले जाने वाली पुलिस ही थी या कोई और, इस दिशा में जांच चल रही है, लेकिन पुख्ता प्रमाण नहीं मिले है। टीम ने बुधवार को उदयपुर मार्ग पर रेलवे स्टेशन के समीप ददोडिय़ा के एक शैक्षणिक संस्थान के प्रबंधक, चौकीदार व रिश्तेदार सहित कुछ लोगों से भी पूछताछ की है। जिसमें यह बात सामने आई कि एनकाउंटर में मारे गए दोनों युवक यूपी निवासी राजू उर्फ अजबसिंह व सुरेंद्रसिंह उस समय डूंगरपुर में इसी संस्थान में ठेकेदार के माध्यम से रंगरोगन का कार्य करते थे। प्रबंधक ने यह भी बताया कि ठेकेदार यूपी का होने के कारण दोनों को लेकर आया था। जिस दिन दोनों युवकों को उठाकर ले गए, इसकी जानकारी सदर थाना पुलिस को भी दे दी गई थी। जांच टीम ने मामले से जुड़े कई सवाल किए। जांच अधिकारी एसएन पांडेय ने बताया कि पुलिस रिकॉर्ड की जांच भी की जा रही है। जांच टीम में इसामसिंह भी शामिल थे।
यह है मामला
जालौन ((उत्तरप्रदेश)) निवासी रेखा देवी ने मानवाधिकार आयोग में शिकायत की थी, जिसमें आरोप लगाया था कि उसके भाई राजू उर्फ अजबसिंह व सुरेंद्रसिंह को वर्ष 2008 में यूपी पुलिस डूंगरपुर से पकड़कर ले गई और उन्हें एनकाउंटर में मार दिया गया। इस शिकायत के तार डूंगरपुर से जुड़े होने के कारण टीम छानबीन के लिए डूंगरपुर आई हुई है।
डूंगरपुर में एक शैक्षणिक संस्थान पर रंगरोगन का कार्य करते थे दोनों युवक, मानवाधिकार आयोग के जांच दल ने प्रबंधक व चौकीदार से की पूछताछ