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मूक बधिर स्कूल में तफ्तीश पर तफ्तीश, सामने नहीं आ रहा सच
भास्कर न्यूज - बांसवाड़ा
रिहायशी सरकारी मूक बधिर स्कूल में 5वीं कक्षा में पढऩे वाली 11वर्षीय बालिका की कोख से शिशु के जन्म के बाद संबंधित विभागों से एक ही जवाब सामने आ रहा है, वह यह कि जांच चल रही है। तीन स्तर की हो रही जांच में अब तक का नतीजा सिफर रहा है। हालांकि एक बात सामने आ चुकी है कि बालिका का गर्भधारण ग्रीष्मावकाश में ही हुआ है, लेकिन दुष्कर्मी कौन है और पुलिस की पकड़ से अब तक बाहर क्यों है, इस सभी सवालों के जवाब का खुलासा नहीं हुआ है। इस प्रकरण से जुड़ा हर विभाग सीधे तौर पर जांच पूरी होने के बाद ही रिपोर्ट आने और खुलासा होने की दुहाई दे रहे हैं। इसके चलते अब तक सच सामने नहीं आ रहा है।
25 जनवरी की रात्रि को मूक बधिर स्कूल में पढऩे वाली बालिका ने शिशु को जन्म दिया था। इसके बाद बालिका को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था, वहीं प्रशासनिक, पुलिस और बाल कल्याण समिति के स्तर पर तफ्तीश प्रारंभ हो गई थी। सभी ने प्रारंभिक स्तर की रिपोर्ट भेज दी है और रिपोर्ट लगभग एक जैसी ही है। इस पूरे प्रकरण को लेकर दैनिक भास्कर ने यह जानने का प्रयास कि अब तक किस विभाग ने क्या किया है और उनकी जांच कहां तक पहुंची है।
हैरत ! अब तक इन सवालों का जवाब नहीं मिला
ञ्च इस दिल दहलाने वाली घटना को लेकर महिला आयोग या बाल संरक्षण अधिकार आयोग की किसी भी टीम ने जिले का दौरा नहीं किया।
ञ्चमूक बधिर स्कूल में गुरुवार तक दोपहर 3 बजे से लेकर दूसरे दिन सुबह 8 बजे तक बच्चों की व्यवस्था का जिम्मा किसी को भी नहीं सौंपा।
ञ्च अब तक की जांच केवल मूक बधिर स्कूल के चारों ओर ही घूम रही है, जबकि दस्तावेजों के मुताबिक स्थिति पूरी तरह से स्पष्ट हो चुकी है।
ञ्च स्कूल में स्टाफ बढ़ाने को लेकर भी अभी कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विभाग का कहना है कि पत्र लिखा गया है।
जिला प्रशासन ने अब तक की जानकारी शिक्षा विभाग के प्रमुख शासन सचिव खेमराज और निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग को भी भेजी है। इसके साथ ही कलेक्टर ने टीएडी ओर विभाग की बालिका हॉस्टलों की भी आकस्मिक जांच कर रिपोर्ट करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि टीएडी के लिए उन्होंने समस्त उपखंड अधिकारी और तहसीलदारों को निर्देशित किया है। दूसरी ओर इस बारे में रोज अपडेट लिया जा रहा है।
आगे क्या : जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन शिशु और बालिका के संबंध में कोई भी निर्णय लेगा।
२८, २९ व ३० जनवरी को प्रकाशित
पुलिस विभाग : मुकदमा दर्ज किया, जांच जारी
मूक बधिर बालिका के साथ हुई घटनाक्रम के मामले में महिला थाने में स्कूल प्रशासन की ओर से केस दर्ज कराया है। वहीं, एसपी अनिल कुमार टांक ने जांच डीएसपी गजेंद्रसिंह जोधा को सौंपी है। वे पीडि़ता और मां बाप से दो दौर की पूछताछ कर चुके हैं। आगे की जांच के लिए डीएसपी के निर्देशन में ही महिला थानाप्रभारी लगे हुए हैं। उन्होंने स्कूल जाकर बालिका से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले हैं। परिजनों से भी संपर्क में हैं। दूसरी ओर पुलिस की ओर से बालिका और नवजात को पूरी तरह से सुरक्षा दिलाई जा रही है। आगे क्या : बालिका द्वारा दिए गए संकेत के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास होगा।
सीडब्ल्यूसी : दो स्तर की जांच पूरी, बाल अधिकार संरक्षण आयोग को रिपोर्ट भेजी
बाल कल्याण समिति ने स्कूल में जाकर दो बार जांच कर ली है। सहेलियों के भी बयान दर्ज किए है। चौकीदार और इंचार्ज से बातचीत की है। समिति के अध्यक्ष गोपाल पंड्या ने पूरी जानकारी राष्ट्रीय महिला आयोग, राज्य महिला आयोग और बाल संरक्षण अधिकार आयोग को देकर रिपोर्ट भेजी है। दूसरी ओर समिति शिशु को पालने की कार्रवाई कर रही है। बालिका के पिता ने शिशु को अपनाने से साफ इंकार कर दिया है। ऐसे में नियमानुसार बाल कल्याण समिति और सामाजिक न्याय अधिकारिता विभाग की संयुक्त कार्रवाई के बाद ही शिशु के बारे में निर्णय किया जाएगा। आगे क्या : शिशु को लेकर समिति कार्रवाई कर रही है।
प्रशासन : उच्चाधिकारियों और महिला आयोग को भेजी रिपोर्ट
शिक्षा विभाग : प्रारंभिक जांच पूरी, मां-बाप के बयान बाकि
शिक्षा विभाग की तीन सदस्यीय टीम ने स्कूल से जुड़े विभिन्न पहलु पर जांच पूरी कर ली है। अब मां बाप के बयान लेने हैं। फिलहाल बालिका मां बाप के साथ उदयपुर में है। जांच कमेटी उनके आने का इंतजार कर रहीं है। दूसरी ओर विभाग की टीम ही जिला प्रशासन की ओर से भी जांच कर रही है। स्कूल से रिकॉर्ड लिया गया है। टीम ने स्कूल के बच्चों, स्टाफ, चौकीदार और अन्य जुड़े हुए लोगों के बयान लिए है। विभाग अब तक की जांच के संकेत बताते हैं कि स्कूल प्रशासन की लापरवाही नहीं रही है। बालिका के साथ दुष्कर्म उसके घर पर मई और जून में ही हुआ है।
आगे क्या : मां बाप के बयान दर्ज होने के बाद रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी।
भास्कर पड़ताल - 11 वर्षीय बालिका की कोख से जन्मे शिशु प्रकरण की तीन तरह की जांच, अब तक का नतीजा सिफर