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सरपंच ने कहा, कागज पर हस्ताक्षर करना आता है, पढऩा नहीं

7 वर्ष पहले
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बांसवाड़ा - जिला मंच उपभोक्ता संरक्षण ने बीमा कंपनी को उसके उपभोक्ता को दो लाख रुपए ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। मंच के समक्ष घाटोल निवासी प्रकाश पाटीदार ने वाद दायर किया था। दायर वाद में कहा गया था कि प्रार्थी के पिता लालजी पाटीदार ने बीमा कंपनी फ्यूचर जनरेली इंडिया लाइफ इंश्योरेंस से बीमा कराया था। बीमा अवधि के दौरान प्रार्थी के पिता की मौत हो गई।
मौत के बाद प्रार्थी की ओर से बीमा कंपनी के समक्ष क्लेम पेश किया गया, लेकिन कंपनी ने क्लेम खारिज कर दिया। कंपनी ने क्लेम खारिज करने की जानकारी भेजने के साथ ही कहा कि बीमा कराते समय बीमित ने उम्र के कई प्रकार के तथ्य छिपाए थे। मंच की ओर से विपक्षी बीमा कंपनी को नोटिस भेज कर जवाब मांगा गया। ऐसे में बीमा कंपनी की ओर से जवाब दिया। बीमा पॉलिसी जारी करना स्वीकार किया, साथ ही कहा कि बीमित की ओर से उम्र के तथ्य छिपाने की बात कही। मंच की ओर से पूरे मामले में सुनवाई की गई। ऐसे में प्रार्थी पक्ष और बीमा कंपनी, दोनों की ओर से अपने अपने तथ्य प्रमाण पत्र पेश किए गए। इस मामले में बोदला सरपंच विद्यादेवी के बयान भी दिए गए। कारण, विद्यादेवी के हस्ताक्षर से जारी किए गए चार प्रमाण-पत्र कोर्ट में पेश किए गए थे। सरपंच ने कोर्ट में कहा कि वह केवल हस्ताक्षर करना जानती है। कागज पर क्या लिखा है, यह तो उसे पढऩा ही नहीं आता है। हस्ताक्षर के बाद भी कोई कुछ लिख दे तो भी उसे कोई जानकारी नहीं होती है।
पूरी सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी यह प्रमाणित नहीं कर सकी कि मृतक बीमित ने बीमा कराते समय उम्र के तथ्य छिपाकर बीमा कराया था। इसपर मंच अध्यक्ष मुरारीलाल शर्मा, सदस्य शैलेंद्र भट्ट और राजश्री तंवर की ओर से प्रार्थी के पक्ष में फैसला सुनाया है। इसके तहत बीमा कंपनी को दो लाख रुपए अदा करने होंगे। मय ब्याज के बीमा राशि के साथ ही तीन हजार रुपए परिवार व्यय के रूप में देने के आदेश दिए हैं।