वार्डन को लेकर माथापच्ची
भास्कर न्यूज - बांसवाड़ा
मूक बधिर स्कूल में अभी वार्डन नहीं है और मूक बधिर बच्चे पूरी तरह से चपरासी और चौकीदार के भरोसे ही है। ऐसे में बार बार सवाल खड़े हो रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए डीईओ पुष्पेंद्र पंड्या ने निदेशक माध्यमिक शिक्षा विभाग और प्रमुख शासन सचिव स्कूली शिक्षा को पत्र लिखकर वार्डन की नियुक्ति करने का आग्रह किया है। इसी तरह से एक पत्र बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष गोपाल पंड्या ने लिखा है, जिसे कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को भेजा गया है।
बच्चों के हक के साथ कुठाराघात : पंड्या
दूसरी ओर बाल कल्याण समिति ने वार्डन नहीं होने को लेकर बच्चों के साथ कुठाराघात माना है। गोपाल पंड्या ने बताया कि बिना वार्डन से आवासीय विद्यालय संचालित करना गलत है। इसके लिए वार्डन की नियमित नियुक्ति होनी जरूरी है। पंड्या के मुताबिक इस संबंध में बाल संरक्षण अधिकार आयोग को भी अवगत कराया है, जिसकी अध्यक्ष डॉ.दीपक कालरा ने शीघ्र ही राज्य सरकार से बातचीत कर वार्डन नियुक्त कराने के संबंध में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।