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बांसवाड़ा के भीमसौर में आठ दिन पहले हुई हत्या का खुलासा
परतापुर ((बांसवाड़ा)) - भीमसौर पंचायत के राजीव गांधी सेवा केंद्र पर आठ दिन पहले हत्या का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर दिया। 28 वर्षीय युवक की हत्या उदयपुर जिले में सराड़ा के एक युवक ने करवाई थी। मृतक की पत्नी आरोपी की प्रेमिका है, आरोपी ने अपने दो साथियों को दस हजार रुपए की सुपारी देकर अपनी प्रेमिका के पति की हत्या करवाई थी। घटना के बाद आरोपी उदयपुर फरार हो गए थे। पुलिस ने तीनों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया है।
17 जनवरी को शाम पुलिस को भीमसौर ग्राम पंचायत के राजीव गांधी सेवा केंद्र के पास 28 वर्ष के युवक की लाश झाडिय़ों में होने की सूचना दी थी। जिसकी गर्दन रेती गई थी। घटनास्थल के पास ही युवक का शॉल और उसकी चप्पलें पड़ी हुई थी। शव की शिनाख्त रेवडिय़ों की धाणी निवासी पवन पुत्र हीरालाल के रूप में हुई थी। हत्या की मूल वजह घटना की मूल वजह मृतक पवन की पत्नी सूर्या थी। सूर्या के सराड़ा ((उदयपुर)) निवासी फतेहलाल पुत्र गिरवर से संबंध थे।
चूंकि वह पवन की ब्याहता थी, इसलिए फतेहलाल उसको अपने साथ नहीं ले सकता था। इसके उसने पवन को रास्ते से हटाने के लिए प्लान बनाया। घटना को अंजाम देने के लिए फतेहलाल ने अपने साथियों बरोठी सराड़ा के ही चेतन व भैरुलाल से मिलकर उन्हें पवन के नाम की 10 हजार रुपए की सुपारी दी। 5 हजार रुपए एडवांस में और 5 हजार काम होने के बाद। चेतन व भैरुलाल ने 16 जनवरी की शाम भीमसौर पहुंचकर पवन से किसी बहाने से राजीव गांधी सेवा केंद्र बुलाया। वहां पवन आया तो दोनों उसे मुंह दबाकर सेवा केंद्र के पीछे की झाडिय़ों में ले गए, जहां धारदार हथियार से पवन का गला रेत दिया। इसके बाद तीनों बरोठी चले गए।
खुलासे में 8 दिन जूझी पुलिस
मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में पुलिस 8 दिन लगे। इस केस को एसपी अनिल कुमार टांक ने मौके पर जाकर देखा था। इसके बाद एसएसपी महेश मीणा और डीएसपी गजेंद्रसिंह जोधा को इस केस की जिम्मेदारी दी गई।
दोनों अधिकारियों ने तीन थानों की पुलिस टीम के साथ मिलकर केस के हर एक पहलु को खंगाला था। पुलिस को कॉल डिटेल और सूत्रों से जो सुराग हाथ लगे। इसके बाद अरथूना थानाधिकारी रूपलाल के नेतृत्व में टीम ने अहमदाबाद जाकर अभियुक्तों की डिटेल जमा की। वहां से कुछ सुराग मिला तो जांच अधिकारी रामेश्वरलाल ने टीम के साथ उदयपुर जाकर तथ्यों की पड़ताल की। उदयपुर के सराड़ा में एएसआई सज्जनसिंह, राजेंद्रसिंह, सतीश कुमार, छत्रपालसिंह, विजयसिंह राजेश के साथ गए। वहां पर तीनों अभियुक्त को पुलिस के पहुंचने की सूचना मिल गई। जो पहाडिय़ों में भाग गए। पुलिस ने पीछा करके गिरफ्तार कर लिया। तीनों गिरफ्तार आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।