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रोग मिटाने के लिए लगाए थे टीके, उन्हीं टीकों से हो गई नौ ऊंटों की मौत

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज क्च डेगाना
ग्राम झगड़वास में गत दिनों राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत ऊंट वंश में पाए जाने वाले प्रमुख तिबरसा सर्रा रोग की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग की ओर से टीकाकरण अभियान चलाया गया था। टीकाकरण के बाद एक सप्ताह में नौ ऊंट मर चुके हैं। उधर ऊंटों की लगातार मौत से पशुपालक सकते में आ गए और इस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। इस संबंध में मंगलवार को बड़ी संख्या में पशुपालकों ने एसडीएम को ज्ञापन भी दिया है। बीकानेर के ऊंट अनुसंधान केंद्र की टीम भी जांच के लिए यहां पहुंच चुकी है।
राईका समाज अध्यक्ष श्रवण राम देवासी, राईका पशुपालन प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष खींया राम देवासी, लक्ष्मण राम झगड़वास, धुलाराम राईका, पूनाराम देवासी, खींया राम लंगोड़, गुलाब राम इड़वा सहित पशुपालकों ने एसडीएम शुभकरण बेनीवाल को संयुक्त हस्ताक्षरित ज्ञापन दिया है। पशुपालकों ने बताया कि 13 दिसम्बर 2013 को राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत तिबरसा सर्रा रोग की रोकथाम के लिए ग्राम बरना में लगे शिविर में झगड़वास के पशुपालकों के 70 ऊंटों के टीके लगाए थे।
इसके बाद से ही एक-एक करके ऊंट मरने लगे। मौत का सिलसिला जारी है। मंगलवार को मरने वाले ऊंटों की संख्या बढ़ गई। पशुपालन विभाग की डेगाना टीम के उपचार करने के बाद भी ऊंट मर रहे थे। राईका समाज के पशुपालकों ने पूरे मामले को लेकर जोरदार रोष जताया है। पशुपालकों ने सहकारिता राज्य मंत्री अजयसिंह किलक को ज्ञापन सौंपा, वहीं जिला कलक्टर, पशुपालन विभाग जयपुर व नागौर को ज्ञापन भेजा गया। टीकाकरण की जांच करवाने व मुआवजा दिलवाने की मांग की।
एसडीएम ने की कलेक्टर से बात
इस मामले को लेकर एसडीएम बेनीवाल ने जिला कलक्टर से बात की। एसडीएम ने में पशुपालन विभाग के अधिकारियों व चिकित्सकों से चर्चा भी की। बीकानेर के राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान टीम को मौके पर बुलवाया गया। टीम के डॉक्टरों ने मंगलवार शाम को पहुंचकर मरे हुए ऊंटों की जांच करते हुए सैम्पल लिए व स्थानीय चिकित्सकों से चर्चा की। टीम ने अलग से इंजेक्शन लगाने के निर्देश दिए हैं। पशुपालन विभाग उपनिदेशक डॉ. सत्यनारायण शर्मा, इड़वा प्रभारी डॉ. देवेन्द्र पंवार, चिकित्सक ओमप्रकाश द्वारा ऊंटों के उपचार में किया जा रहा है।