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मेला मैदान में जहां लगती थी दुकानें वहां बन गया तहसील कार्यालय
भास्कर न्यूज - नागौर
राज्य स्तरीय श्री रामदेव पशु मेले के लिए इस बार मेला मैदान पिछले वर्ष की तुलना में छोटा हो गया है। इसका कारण यह है कि तहसील के लिए जमीन आवंटन के बाद राजस्व विभाग ने आवंटित भूमि पर चारदीवारी करवा ली।
पशु पालन की डिस्पेंसरी में सदर थाना चलने के कारण वहां भी सुरक्षा की दृष्टि से तारबंदी कर दी गई है। इस कारण इस बार दुकानों के लिए बनाए गए नक्शे में बदलाव किया है। पिछले साल तक तहसील क्षेत्र में करीब 50 दुकानें लगाई जाती थी। लेकिन इस बार नक्शा बदलना पड़ा है। पशु पालन विभाग के उपनिदेशक दिनेश शर्मा ने बताया कि पूर्व में मेलों की दुकानों की भूमि तहसील कार्यालय को आवंटित हो चुकी है। यहां पर बर्तन, रस्सी एवं सूत, रबर बाजार लगाया जाता था। तहसील कार्यालय की चार दीवारी बनाए जाने के कारण इस बार व्यवस्था बदली है और झंडा स्थल के पास ही इन दुकानों के नक्शे बनाए है। दुकानों की नीलामी 23 व 24 जनवरी को होगी।
अब यह की व्यवस्था
पशु पालन विभाग ने तहसील को आवंटित की जमीन पर राजस्व व सुविधा की दृष्टि से कुछ दुकानें आवंटन की मांग की थी। साथ ही कहा कि यहां से आवागमन का रास्ता होगा तो मेले में जाने वालो को आसानी होगी। लेकिन निर्माण कार्य चलने के कारण इसकी अनुमति नहीं मिल पाई।
इस कारण अब लगने वाली सभी 170 दुकानें झंडा स्थल के चारों तरफ ही लगेगी। मेला मैदान में बुधवार को हौदों के मरम्मत कार्य चलने के साथ ही जलदाय विभाग ने मरम्मत हुए हौदों में पानी सप्लाई की व्यवस्था पूरी कर ली है।
आने लगे पशुपालन, लगी दुकानें
मेला मैदान में बुधवार को मौलासर व कुचामन क्षेत्र के निमोद गांव के ऊंट पालक पहुंचे। उन्होंने कहा कि वे दो दिन जल्दी आ गए है। पिछली बार मेला शुरु होने से काफी दिन पहले यहां पशुपालक आ चुके थे। लेकिन इस बार मौलासर व निमोद से दो ही परिवार बुधवार तक पहुंचे थे। साथ ही हाइवे के किनारे बर्तन व रस्सियों की दुकानें सजने लगी है। अब दुकानदारों को दुकानों की नीलामी का इंतजार है।