सरकार बदलते ही हटाया मनोनीत पार्षदों को
भास्कर न्यूज - नागौर
राज्य सरकार के बदलते ही नगर परिषद नागौर में मनोनीत चारों पार्षदों को हटा दिया गया। राज्य में भाजपा की सरकार बनते ही एक माह की भीतर चारों मनोनीत पार्षदों को हटाने के आदेश स्वायत्त शासन विभाग की तरफ से दिए गए। परिषद आयुक्त पोकरराम चौहान ने बताया कि पार्षद गंगासिंह, असगर अली, सूरज करण जावा व मोहनराम चौधरी को कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान मनोनीत पार्षद चुना गया था। नई सरकार बनते ही चारों को पदों से हटाने के आदेश आ गए। उसके अनुरूप यह कार्रवाई की गई। आयुक्त चौहान ने बताया कि मनोनीत गंगासिंह सिंघाणी का कुछ समय पहले ही निधन हो गया था। इसलिए वह मनोनयन तो पहले से ही समाप्त हो चुका था। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने इन्हें नवंबर 2009 में पार्षद बनाया था।
अब मची है होड़
नगर परिषद नागौर में अब चार पार्षदों का मनोनयन राज्य सरकार फिर से करेगी। इसको लेकर अब भाजपा के लोगों में होड़ मची है। इसको लेकर कोई राजनीतिक एप्रोच लगाने में जुटा है तो कई ऐसे भी हैं जो वार्ड पार्षद का चुनाव हारने के बाद अब मनोनीत पार्षद बनने के जुगाड़ में हैं। मनोनीत पार्षद बोर्ड की बैठक में तो भाग ले सकते हैं लेकिन वोट नहीं दे सकते। इन्हें दूसरे पार्षदों के समानांतर भत्ता व अन्य सुविधाएं देय होती है।