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छात्राओं की सुरक्षा के लिए सादा वर्दी में तैनात होगी पुलिस
भास्कर न्यूज - नागौर
छात्राओं से छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए जिले में अब स्कूलों की छुट्टी के समय स्कूली क्षेत्र तथा कॉलेजों के आस-पास सादा वर्दी में पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। बुधवार को जिला शांति समिति की बैठक के दौरान जिला कलेक्टर डॉ. वीना प्रधान ने पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को यह निर्देश दिए।
कलेक्टर प्रधान ने कहा कि प्रशासन व पुलिस अधिकारी महिलाओं से जुड़े मामलों में सतर्क रहें ताकि कोई भी अप्रिय घटना समय रहते रोकी जा सके। साथ ही निर्देश दिए कि उपखण्ड अधिकारी व तहसीलदार विवादित मुद्दों की सूचना शीघ्र ही अपडेट करें। इसके अलावा विभिन्न संप्रदायों के त्यौहारों के दौरान शांति समिति बैठकें नियमित रूप की जाएं। बैठक में एएसपी डॉ. प्यारेलाल शिवरान ने जानकारी दी कि विवादास्पद स्थानों व मुद्दों पर प्रशासन व पुलिस सतर्कता से निगरानी रखेंगे।
जुआ सट्टा रोकने के लिए ये नीति
जिले में जुए तथा सट्टे की प्रवृत्ति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस विभाग अब ’’जीरो-टॉलरेंस’’ नीति अपनाएगा। एएसपी शिवरान ने कलेक्टर को बताया कि जुए व सट्टे को काबू में करने के लिए नीति बनाई जा चुकी है तथा पुलिस अधिकारियों की बैठक ली जा चुकी है। उन्होंने बताया कि इसके तहत कार्रवाई भी शुरू की जा चुकी है। बैठक में उपखण्ड अधिकारी दलवीर सिंह ढढ्ढ़ा तथा अन्य अधिकारियों से जिले में महिलाओं से संबंधित मामलों की जानकारी भी ली।
दूसरा पहलू यह भी
जुए सट्टे पर रोक की बातें अक्सर सरकारी बैठकों में होती है। मगर जमीनी स्तर पर व्यापक कार्रवाई नहीं हो रही। पिछले दिनों ही सदर थाने की पुलिस ने बासनी से जुआ चलाने वाले गिरोह को पकड़ा था। मगर गिरोह का सरगना लगातार जुए सट्टे की गतिविधियों को अंजाम दे रहा है। इसके अलावा नागौर शहर के कई स्थानों पर जुआ सट्टा चल रहा है तो वहीं लाडनूं, मूंडवा, कुचामन, मेड़ता, मकराना जैसे शहरों में पुलिस की नजर में जुआ सट्टा चलाने वाले अपराधी व स्थान हैं, मगर कार्रवाई के नाम पर महज खानापूर्ति होती है। पुलिस अक्सर छोटे छोटे सटोरियों को पकड़ कर अभियान का नाम दे देती है जबकि गिरोह चलाने वाले बड़े आरोपी नहीं पकड़े जा रहे।