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‘भगवान महावीर के सिद्धांतों की आज भी प्रासंगिकता’

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - नागौर
यूपीए अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने जैन समाज को राष्ट्रीय स्तर पर अल्पसंख्यक का दर्जा प्राप्त होने पर बधाई दी है तथा कहा कि अब जैन समाज को कल्याणकारी कार्य करने में अधिक सुविधा मिलेगी। उन्होंने यह बात अपने निवास स्थान पर आयोजित जैन समाज की संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर जैन समाज के प्रतिनिधियों की ओर से सोनिया गांधी को भगवान महावीर का चित्र भेंट किया गया।
बाड़मेर जिले के जन्मे जाए और अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य डॉ. लोकेश मुनि के सान्निध्य में आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए श्रीमती गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय एकता व सांप्रदायिक सौहार्द के लिए स्वार्थ भाव से ऊपर उठना होगा। इसके लिए राजनीतिक दलों, धर्मगुरुओं व एनजीओ का संगठित होना आवश्यक है। सांप्रदायिक हिंसा व आतंकवाद देश के लिए चुनौती हैं, लेकिन हमें भगवान महावीर के अहिंसा, सहिष्णुता के सिद्धांतों को नहीं भूलना चाहिए जो आज भी प्रासंगिक हैं। आचार्य डॉ. लोकेश मुनि ने समाज को राष्ट्रीय स्तर पर अल्पसंख्यक का दर्जा दिलाने के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विकास के लिए शांति आवश्यक है। जैन समाज अहिंसक व शांतिप्रिय समाज है। समाज व राष्ट्र के विकास में उसका महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इस मौके पर केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री के. रहमान खान ने कहा कि जैन समाज को राष्ट्रीय स्तर पर अल्पसंख्यक का दर्जा दिलाने की मांग काफी समय से चल रही थी। मेरे कार्यकाल में यह पूरी हुई इसकी मुझे प्रसन्नता है। अब जैन समाज शिक्षा, चिकित्सा व राष्ट्र के विकास में अधिक सहयोग दे सकेगा। संगोष्ठी के दौरान जैन समाज की ओर से श्रीमती सोनिया गांधी को शॉल व उत्तरीय पहना उनका स्वागत किया गया। सभा में दिल्ली जैन समाज के अध्यक्ष चक्रेश जैन, जैन कांफ्रेंस के चेयरमैन आनंद प्रकाश जैन, जैन इंटरनेशनल आर्गेनाइजेशन के डीके जैन, दिगंबर महासभा के अध्यक्ष निर्मल सेठी, मूर्ति पूजक जैन समाज के अध्यक्ष राजकुमार जैन, उपभोक्ता कोर्ट के न्यायाधीश एस जी जैन, समाज सेवी शोभना जैन, मधु जैन, रमेश जैन, कनु जैन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।