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गमगीन माहौल में छह जनों की अंत्येष्टि

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - नावां सिटी
किसी के घर का चिराग बुझा तो किसी के सिर से अभिभावक का साया उठ गया। हर तरफ कोहराम ही कोहराम था। गमगीन माहौल में मंगलवार को शहर में छह अर्थियां उठी। पांच अर्थियां एक ही समाज के लोगों की थी। उनका दाह संस्कार भी एक ही चिता पर किया गया। इन सभी की एक दिन पहले सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इनके शोक में नावां के बाजार पूरी तरह बंद रहे।
दो बहनें, बाप-बेटी और जीजा-साला एक साथ चिर निद्रा में सो गए। सोमवार को कुचामन से नावां आ रही कमांडर जीप की पलाड़ा में ट्रक से हुई भिड़ंत में नावां के छह व गुढ़ा साल्ट के एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। इनके शव मंगलवार सुबह जैसे ही नावां पहुंचे, चारों तरफ गमगीन माहौल हो गया। कस्बे के बाजार बंद हो गए। निजी विद्यालयों में अवकाश रहा। सुबह साढ़े नौ बजे शवों को लेकर कुचामन से एंबुलेंस घर पहुंची तो हर किसी की आंखें नम हो उठीं। विलाप करते परिजनों को संभालना भारी पड़ रहा था। टीकम चंद कुमावत की दो मासूम पुत्रियां गरिमा व कंचन अपनी मां नारायणी के साथ कुचामन से नावां आ रही थीं। हादसे में नारायणी गंभीर रूप से घायल हो गई। उनका उपचार अजमेर चिकित्सालय में चल रहा है। उनकी दोनों पुत्रियों की मौत हो गई। भंवरलाल पुत्र गणपत लाल माली अपने साले गुढ़ा साल्ट निवासी कालूराम पुत्र रामू राम माली के साथ रिश्तेदारों के घर जाकर नावां लौट रहे थे। इस हादसे में जीजा साले दोनों की मौत हो गई। भंवरलाल की पत्नी संतोष देवी का रो रो कर बुरा हो गया। संतोष देवी ने अपने पति व भाई को खो दिया। रामू राम पुत्र नंदाराम कुमावत अपनी पुत्री गणेशी देवी के साथ कुचामन चिकित्सालय जाकर वापस आ रहे थे। हादसे में पिता पुत्री दोनों मौत के मुंह में चले गए। इसी हादसे ने बनवारी पुत्र राजू राम कुमावत के मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया छीन लिया। बनवारी के परिवार में एक बच्ची व दो लड़के हैं। बनवारी की पत्नी आचू देवी का रो रो कर बुरा हाल हो गया। कुमावत समाज के पांच लोगों की सोमवार सुबह ग्यारह बजे एक साथ अर्थियां पहुंची। शव देखकर श्मशान में मौजूद लोगों की आंखें भर आई। एक ही समाज के होने के कारण कंचन, गरिमा, बनवारी, रामू राम, गणेशी का एक ही चिता पर दाह संस्कार किया गया। भंवरलाल माली का पुरानी रेलवे स्टेशन पर स्थित श्मशान में दाह संस्कार किया गया।
बाजार व निजी शिक्षण संस्थान रहे बंद
शहर के व्यापारियों ने नावां के छह लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक जताते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रख कर संवेदना प्रकट की। व्यापारियों ने दाह संस्कार होने तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। निजी शिक्षण संस्थानों ने भी दो मासूम बच्चों की मौत पर अपने विद्यालयों में अवकाश रखकर शोक जताया।
परिजनों को चिकित्सा कर्मियों ने संभाला
जैसे ही शव घर पहुंचे तो उनके परिजनों के हाल बेहाल हो गए। कोई बेहोश होकर गिर रहा था तो किसी के दांत बंद हो रहे थे। कोई गुमसुम होकर बैठ गया। किसी का रो रो कर बुरा हाल हो गया। ऐसी स्थिति में चिकित्सालय के चिकित्सक डॉ. श्रवण नायक व मेल नर्स महावीर प्रसाद शर्मा ने अपनी टीम के साथ उनके घर जाकर परिजनों को संभाला। आवश्यक उपचार किया। बनवारी की पत्नी आचू देवी व भंवरलाल माली की बहिन संतोष देवी को बार बार बेहोश होने के कारण चिकित्सालय में भर्ती किया गया।




शहर के व्यापारियों ने नावां के छह लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक जताते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रख कर संवेदना प्रकट की। व्यापारियों ने दाह संस्कार होने तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। निजी शिक्षण संस्थानों ने भी दो मासूम बच्चों की मौत पर अपने विद्यालयों में अवकाश रखकर शोक जताया।



बाजार व निजी शिक्षण संस्थान रहे बंद