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जैन समाज को अल्पसंख्यक दर्जा देने पर प्रधानमंत्री का जताया आभार
नागौर. जैन समाज के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि मंडल ने मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से भेंट कर उन्हें भगवान महावीर का चित्र भेंट किया तथा जैन समाज को राष्ट्रीय स्तर पर अल्पसंख्यक समाज का दर्जा दिए जाने के प्रति आभार जताया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में सहनशीलता व मजहबी भाईचारे की अटूट परंपरा रही है। अनेकता और बहुलता की इज्जत करना हमारी तहजीब और सभ्यता का बड़ा हिस्सा है। इस विरासत को मजबूत बनाए रखना होगा। अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैनाचार्य डॉ. लोकेश मुनि के नेतृत्व में आए शिष्टमंडल को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार सभी वर्गों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं ताकि उनमें सुरक्षा व विश्वास की भावना बढ़े और तेजी से विकास कर सकें। उन्होंने कहा कि भगवान महावीर की शिक्षाओं में वैश्विक समस्याओं का समाधान मौजूद है। उनके बताए मार्ग पर चलने से आतंकवाद जैसी समस्या का समाधान हो सकता है। जैन समाज काफी समय से राष्ट्रीय स्तर पर अल्पसंख्यक दर्जे की मांग कर रहा था। यह दर्जा मिलने से समाज अब तेजी से विकास करेगा। जैनाचार्य डॉ. लोकेश मुनि ने भारत सरकार का आभार जताते हुए कहा कि अब जैन समाज की सर्वमान्य विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान बनेगी। उनके सांस्कृतिक धरोहरों को संवैधानिक संरक्षण मिल सकेगा। केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री के. रहमान खान ने कहा कि सरकार के इस निर्णय के बाद अब समाज शिक्षा, चिकित्सा, समाज सेवा के क्षेत्रों में व्यापक सहयोग दे सकेगा। शिष्टमंडल ने प्रधानमंत्री को शॉल, उत्तरीय व प्रतीक चिन्ह भेंट किया। कार्यक्रम में दिल्ली जैन समाज के अध्यक्ष चक्रेश जैन, जैन कांफ्रेंस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुभाष ओसवाल, अभय जैन, मधु जैन, मूर्तिपूजक जैन समाज के अध्यक्ष राजकुमार जैन सहित कई लोग उपस्थित थे।