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- ‘बिजली पानी की समस्या हल कराओ’ किसी ने कहा, ‘पति खाना नहीं देता’
‘बिजली पानी की समस्या हल कराओ’ किसी ने कहा, ‘पति खाना नहीं देता’
भास्कर न्यूज - नागौर
नागौर कलेक्ट्रेट में बुधवार को कई महीनों बाद व्यापक स्तर पर जन सुनवाई हुई। जिले भर से लोग अपनी पीड़ा लेकर पहुंचे। एक महिला ने कहा, पति मारपीट करता है, खाना नहीं देता।’ किसी ने गांव के रास्ते पर अतिक्रमण की शिकायत की तो किसी ने कहा, सर्दी में भी पीने का पानी नहीं मिल रहा’ आम आदमी से जुड़ी समस्याओं को सुन कर कलेक्टर डॉ. वीणा प्रधान ने किसी समस्या का तत्काल निस्तारण करवाया तो किसी समस्या के लिए पांच सात दिन का समय भी दिया। इससे पहले एसएस बिस्सा ने कलेक्ट्रेट में समस्या समाधान छपरी के नीचे बैठकर लगातार समस्याएं सुनी थीं। उसके बाद दो कलेक्टर बदल गए। अब जाकर फिर से इस तरह की जन सुनवाई की शुरुआत की गई है। जन सुनवाई से पहले कलेक्टर की मौजूदगी में अधिकारियों ने वर्कशॉप की। अधिकतर अधिकारियों को जब 90 लोगों ने अपनी समस्याएं बताई तो पांच से सात दिन में समाधान के लिए आश्वस्त किया। कुछ मुद्दों पर अधिकारियों ने एक महीने का समय देने की बात कहीं। जन सुनवाई में पुलिस अधीक्षक लक्ष्मण गौड़ भी मौजूद रहे।
दोपहर को हुई ‘बानो’ की सुनवाई, शाम को पेंशन जारी
पेंशन न मिलने की शिकायत लेकर आई नागौर के बाजरवाड़ा की बानो को शाम होते होते पेंशन के आदेश मिल गए। बानो ने शिकायत की थी कि पीपीओ जारी होने के बावजूद छह माह से उसे पेंशन नहीं मिल रही। इस पर कलेक्टर प्रधान ने उपखंड अधिकारी को तत्काल समाधान के निर्देश दिए। उपखंड अधिकारी दलबीर सिंह ढढ्ढा ने बताया कि राशन कार्ड में बानो का नाम हुसैन बानो होने के कारण पेंशन रुकी हुई थी। इसकी जांच कर उसे वृद्धावस्था पेंशन देने के आदेश जारी कर दिए गए।
जिला कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जन सुनवाई में दर्ज 90 प्रकरणों में सबसे अधिक 13 प्रकरण नगर परिषद से संबंधित थे। इन प्रकरणों में उपखंड कार्यालय नागौर से संबंधित नौ प्रकरण, डिस्कॉम से 12, जलदाय से सात, तहसील कार्यालय नागौर से संबंधित नौ, पीडब्ल्यूडी से दो, शिक्षा विभाग से तीन, पुलिस से तीन व जिला परिषद से संबंधित तीन प्रकरण आए। सभी प्रकरण ई-सुगम में ऑनलाइन रजिस्टर करने व संबंधित अधिकारियों को तय समय सीमा में निस्तारित करने के निर्देश दिए गए। इन प्रकरणों को संबंधित विभागों को भेजा गया। कलेक्टर ने कहा कि नागौर जिले में लंबित 229 मामलों को संबंधित अधिकारी सात दिन में निपटाएं। पेंशन से जुड़े प्रकरणों में विशेष ध्यान दें।
सबसे अधिक प्रकरण नगर परिषद से संबंधित
शहर के व्यापारियों का मोहल्ला की एक महिला ने कहा कि उसका पति उसे प्रताडि़त कर रहा है। किराने की तीन दुकानें होने के बावजूद उसे खाना तक नहीं दिया जा रहा। आए दिन मारपीट होती है। बड़ी खाटू थाना क्षेत्र के अंबाली गांव की एक महिला ने कहा कि मारपीट व छेड़छाड़ के मामले में आज तक कार्रवाई नहीं हुई। एसपी ने दोनों ही प्रकरणों पर न्याय दिलाने के लिए आश्वस्त किया। कई लोगों ने कहा कि नगर परिषद में फाइलें लगाए महीने बीत गए। लेकिन लोगों को पट्टे नहीं मिल रहे। परेशान लोग जन सुनवाई में आए। फाइलें लगाने की तारीखें बताई। राजकीय अस्पताल नागौर में लगे नर्सिंग कर्मियों ने कहा कि पांच माह से मानदेय नहीं मिल रहा। कलेक्टर ने वहां मौजूद सीएमएचओ से कहा कि ऐसे मामले तो यहां नहीं आने चाहिए। शेष - पेज १३
नहीं हो रही मारपीट के मामले में कार्रवाई
नोखा चांदावतां से आए एक ग्रामीण ने कहा कि उसकी पांच बीघा जमीन पर अतिक्रमण हो रखा है। वह गरीब है, अब खेती कहां करे। राजेंद्र गहलोत, हरेंद्र सांखला ने कहा कि गिनाणी तालाब क्षेत्र व दीवार के पास एक पार्षद ने अतिक्रमण कर रखा है। ताड़ावास की एक महिला तो उसके घर पर हुए अतिक्रमण हटाने की गुहार लगाते हुए रो पड़ी। उसने कहा कि खींवसर उपखंड में कोई अधिकारी उसकी बात नहीं सुनता। कलेक्टर ने मौके पर ही एसडीएम से बात की और मामला देखने के आदेश दिए। शहर के ही एक व्यक्ति ने कहा कि उसने प्लॉट बेचा और भरोसे में रहकर रजिस्ट्री करवा दी, लेकिन उसे प्लॉट की राशि नहीं दी जा रही है। एसपी लक्ष्मण गौड़ ने उसे आश्वस्त किया। गोवा कलां से मुंदियाड़ जाने वाले मार्ग पर अतिक्रमण की शिकायत भी हुई। गुढ़ा भगवानदास के तालाब की अंगोर पर अतिक्रमण का मामला भी आया। कलेक्टर ने एक सप्ताह में रास्ता खुलवाने व अंगोर से अतिक्रमण हटाने का आश्वासन दिया।
जन सुनवाई में अतिक्रमणों की भी शिकायतें
जन सुनवाई
जिले के 90 लोगों ने बताई कलेक्टर को समस्याएं, बोली कलेक्टर, पांच से सात दिन में निस्तारण होगा समस्या का