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25 साल से नहीं हो पाए कनेक्शन, ग्रामीण अब भी लाइन में लग रहे हैं पानी के लिए

7 वर्ष पहले
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जलदाय कार्मिकों के लिए बने क्वार्टर में अब चल रहे हैं पटवार घर व कॉ आपरेटिव सेवा कार्यालय।
भास्कर न्यूज. बडू

सरकार ने विश्व बैंक के सहयोग से वर्षों पहले शुरू की योजना धरातल पर काम होने से पहले ही खटाई में पड़ गई। लोगों को अब भी पानी अन्य जगह से लाना पड़ रहा है। मकराना पंचायत समिति के बीलू गांव में विश्व बैंक की योजना के तहत 1988 में पानी की सुविधा के लिए बड़ा जलस्रोत बनाया गया था। पास ही दो कर्मचारी की ड्यूटी के लिए क्वार्टर बनाए। लेकिन एन वक्त पर योजना बदली और तब से पच्चीस वर्ष बाद भी गृहिणियों को दिनभर इस जल स्रोत के सामने लाइन में लग कर पानी लेना पड़ रहा है। दरअसल इस जल स्रोत से पानी लोगों के घरों तक पहुंचना था।
छह हजार की आबादी वाले बीलू ग्राम के पूर्व सरपंच हेमराज पुरोहित ने बताया कि 1988 में सरकार ने पीएनटी योजना के तहत पानी की टंकी बनाई थी। इस टंकी से लोगों के घरों में पानी के कनेक्शन देने थे। लेकिन योजना फलीभूत होती इससे पहले ही बिगड़ गई। कुछ ग्रामीणों का भी मानस कम था। उस समय लोग पैसा भर कर पानी का कनेक्शन लेने से हिचकिचा रहे थे। इस कारण कनेक्शनों का काम खटाई में पड़ गया। अब लोग पैसे देकर कनेक्शन ले सकते हैं लेकिन उन्हें पानी के लिए इधर-उधर घूमना पड़ रहा है। पूर्व पंचायत प्रसार अधिकारी किशना राम आर्य ने बताया कि हर घर में कनेक्शन लगे और जो भी कार्यवाही करनी पड़े, इसके लिए ग्रामीण तैयार हैं। सरकार ने सर्वेन्ट क्वार्टर बनवाए लेकिन योजना चली गई और वर्षों से इन क्वार्टरों में राजस्व विभाग और कॉपरेटिव के कार्यालय चल रहे हैं। विभाग ने इस योजना को बदल कर टीएसएस में परिवर्तित कर दिया, जिससे पानी होते हुए भी गृहिणियों को पानी के लिए घरों से बाहर दिन भर भागदौड़ करनी पड़ती है।
ग्रामीण परमाराम कुरडिय़ा ने बताया कि गांव में सुविधा बढ़े तो ग्राम के लोग सहयोग के लिए तैयार हैं। पिछले कई वर्षों से यहां जल स्रोत तो है, लेकिन परेशानी पहले जैसी ही है। जलदाय विभाग, मकराना के सहायक अभियंता गोपीचंद वर्मा ने बताया कि पहले की योजना तो चली गई, लेकिन गांव के लोग चाहें तो अब भी कनेक्शन मिल सकता है। गांव में पाइप लाइन बिछी हुई हो तो विभाग ग्रामीणों का सहयोग करेगा। इसके लिए बीलू को राजस्व गांव घोषित करवाना होगा। इसके बाद आवेदन की फाइलों का कार्य होगा। इसके बाद कनेक्शन जारी कर सुविधा लागू की जा सकती है। पिछले दिनों मकराना पंचायत समिति की साधारण बैठक में पूर्व सरपंच के साथ ग्रामीणों ने मकराना प्रधान सहित उच्चाधिकारियों व विभाग से आग्रह किया था कि पूर्व की तरह पीएनटी योजना लागू कर गांव के प्रत्येक घर में पानी की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

फोटो-3 बडू। बीलू में वर्षों पहले बने सर्वेन्ट क्वार्टर जिनमें दो विभाग के ऑफिस हैं।
फोटो-4 बडू। बीलू गांव का जलस्रोत जिससे आज तक घरों तक नहीं पहुंचा पानी।