- Hindi News
- कलेक्ट्रेट पर धरने के दौरान 21 किसानों ने किया क्रमिक अनशन
कलेक्ट्रेट पर धरने के दौरान 21 किसानों ने किया क्रमिक अनशन
नागौर. कलेक्ट्रेट के बाहर किसानों का धरना 28वें दिन जारी रहा। किसान बिजली, पानी, खनन पट्टे व पाले से खराब हुई फसलों के मुआवजे की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं। किसानों को संबोधित करते हुए नारायण बेनीवाल ने कहा कि सरकार किसानों के धैर्य की परीक्षा न ले। किसान आरपार की लड़ाई के मूड में है। अभी अनशन शुरू हुआ है। लेकिन सरकार को किसानों की चिंता नहीं है। मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन आमरण अनशन में बदल दिया जाएगा। आंदोलन के द्वितीय चरण में 21 किसान क्रमिक अनशन पर बैठे। अनशन पर बैठने वालों में हनुमान गोलिया, भंवर राम भारी, पूनाराम कस्वां, मूलाराम भींचर, जेठाराम गोदारा, किशना राम, प्रेमाराम, देवाराम, संग्राम काला, मोहन राम, गिरधारी राम, हरी राम, लुंबाराम, विनोद राखेचा, झूमर राम, बक्सा राम, मूलाराम, दुर्गाराम, डालूराम, रामा किशन, दूला राम आदि थे। इस अवसर पर ग्वालू सरपंच नृसिंह ग्वाला, चूंंटीसरा सरपंच खींया राम राड़, नारायण राम ढाका, भूरा राम ईनाणिया, रघुवीर गोरच्छिया, शिवसेना जिला प्रमुख नारायण राम बिडियासर, परसराम आदि ने धरने को संबोधित किया।
विधानसभा में रखी नागौर के धरने की बात
राजस्थान विधानसभा में बुधवार को खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल ने राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान नागौर जिला मुख्यालय पर चल रहे धरने का मामला उठाया। बेनीवाल ने कहा कि एक तरफ तो सरकार यह कह रही है कि बदले की भावना से काम नहीं करेंगे, दूसरी ओर सत्ता में आते ही सबसे पहले खींवसर के किसानों के खिलाफ कार्रवाई की गई। राज्यपाल के अभिभाषण का जि़क्र करते हुए विधायक ने कहा कि अभिभाषण के अधिकांश पेज तो आरोपों से भरे हैं। उन्होंने निशुल्क दवा योजना को बेहतर बनाने के लिए गुणवत्ता युक्त दवाइयां बढ़ाने का सुझाव दिया। कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था में आवश्यक रूप से सुधार लाने की जरूरत है।