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- ‘समाज में व्याप्त असमानता दूर करने की जरूरत’
‘समाज में व्याप्त असमानता दूर करने की जरूरत’
मेड़ता सिटी. नारी को कमतर नहीं आंकना चाहिए। भगवान शिव ने अर्धनारीश्वर के रूप में बहुत पहले ही नारी की महत्ता को पुरुष के समकक्ष रेखांकित कर दिया था। यह विचार बुधवार को पंचायत समिति सभागार में आयोजित जेंडर संवेदी शासन मुद्दों पर ग्राम सेवक व सरपंचों की दो दिवसीय कार्यशाला के शुभारंभ पर वक्ताओं ने प्रकट किए। वक्ताओं ने जेंडर संवेदी शासन के प्रमुख मुद्दों पर खुल कर विचार रखे। नेतडिय़ा सरपंच गंगाराम बडियार, सरपंच संघ अध्यक्ष रामकिशोर रियाड़, टालनपुर सरपंच सवाई सिंह, दक्ष प्रशिक्षक करमाराम ताड़ा, बस्तीराम सांखला, ललिता वैष्णव, सुधा दैया, रामनिवास जाजड़ा आदि ने कार्यशाला के मुद्दों पर विचार रखते हुए महिलाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दिया। शाम को 5.30 बजे से कन्या भ्रूण हत्या व गिरते लिंग अनुपात को लेकर एक फिल्म ‘उसका आना’ भी दिखाई गई। इससे पूर्व कार्यशाला का उद्घाटन बीडीओ ओमप्रकाश आढ़ा व अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मोहनलाल चौधरी, महेशकुमार वैष्णव सहित अनेक ग्राम सेवक व सरपंच मौजूद रहे। कार्यशाला का दूसरा चरण गुरुवार सुबह 10 बजे शुरू होगा।
लाडनूं. जेंडर संवेदी शासन पंचायती राज में सोच एवं नेतृत्व कौशल के विकास के लिए दो दिवसीय पंचायत समिति सदस्यों एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की रिफ्रेशर कार्यशाला बुधवार से शुरू हुई। कार्यशाला में विकास अधिकारी सुमेर सिंह चौधरी ने कहा कि आम लोगों के बीच जेंडर समानता का विकास करने के लिए कार्य करना होगा, ताकि जेंडर को लेकर समाज में व्याप्त असमानताएं दूर की जा सकें। इसके लिए ग्राम सभाओं व महिला सभाओं की आवश्यकता है। जेंडर संवेदना के लिए किस्से-कहानियों, प्रश्नोत्तरी, लघु-फिल्मों आदि उनके लिए सहायक बन सकते हैं। प्रधान भोलाराम मेघवाल, दक्ष प्रशिक्षक लादू सिंह धूड़ीला, संतरा प्रचेता, गोविंद राम, चैना राम व रेखा राम ने भी विचार व्यक्त किए।