संविदा नर्सेज ने किया प्रदर्शन
भास्कर न्यूज - बाड़मेर
संविदा नर्सेज ने नियमित नियुक्ति की मांग को लेकर जल्द चयन सूची जारी करने की मांग को लेकर गुरुवार को मुख्यमंत्री व चिकित्सामंत्री के नाम कलेक्टर भानू प्रकाश एटूरू को ज्ञापन सौंपा। राजस्थान एनआरएचएम नर्सेज एसोसिएशन के बैनर तले प्रदेशव्यापी आह्वान पर जिले के संविदा एनआरएचएम नर्सेज ने सामूहिक अवकाश रख कर प्रमुख शासन सचिव के नाम ज्ञापन सौंपा। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष देवाराम चौधरी के नेतृत्व में जिलाध्यक्ष मनीराम, संयोजक डालूराम, सह संयोजक मूलशंकर, जिला प्रवक्ता जगदीश हिंदल, नरेश सोनी, छगन गहलोत, रमेश तिवारी, लक्ष्मण बेनीवाल, कमलेश जीनगर, कैलाश कागा, धनराज सोनी, संतोष चौधरी, मंजू भाटी सहित कई लोग मौजूद थे।
नर्सेज ने मांग की है कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में केवल नर्सेज का अस्थाई वरियता सूची के आधार पर दस्तावेज सत्यापन कार्य पूर्ण हो चुका है। अब संविदा नर्सेज उसी फैसले के अनुसार नियमित नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। इससे पूर्व भी संविदा नर्सेज ने ज्ञापन सौंप अपनी समस्याओं से अवगत कराया। इसके बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। समस्याओं का सकारात्मक हल नहीं निकलने से मजबूरन संविदा नर्सेज एक दिवसीय सामूहिक अवकाश पर रहना पड़ा। संविदा नर्सेज कर्मियों के अवकाश पर रहने से गुरुवार को टीकाकरण, निशुल्क दवा वितरण, दवा योजना, जननी शिशु सुरक्षा योजना, पीसीटीएस, इसीटीएस, डॉट्स फिल्ड मॉनीटरिंग व नसबंदी शिविर प्रभावित रहा। प्रदेशव्यापी आह्वान पर विधानसभा सत्र के दौरान 27 जनवरी को सुबह 9:0 से शाम 5:0 बजे नेहरु नगर गार्डन से एसएमएस अस्पताल तक रैली निकालेंगे जिसमें प्रदेश भर के नर्सेस शामिल होंगे।
एनआरएचएम कर्मियों ने दिया ज्ञापन
जैसलमेर. एनआरएचएम कर्मियों ने गुरुवार को कलेक्टर के माध्यम से ज्ञापन देकर नर्सिंग कार्मिकों को स्थाई करने की मांग की। ज्ञापन में बताया कि स्वास्थ्य विभाग में केवल मात्र नर्सेज का अस्थाई वरीयता सूची के आधार पर दस्तावेज सत्यापन का कार्य पूर्ण हो चुका है। दिनेश पंवार के नेतृत्व में दिए गए ज्ञापन में बताया कि बोनस अंक विवाद कानूनी दावपेच में उलझने पर जोधपुर की वृह्द पीठ ने फैसला सुनाते हुए बोनस अंकों को 30 प्रतिशत के स्थान पर 15 प्रतिशत कर दिया था। जिसके बाद विधानसभा चुनाव की आचार सहिंता लग जाने से संविदाकर्मी असमंजस में थे। अब सर्वोच्च न्यायालय में जनवरी में सुनवाई होनी थी। सर्विस पूर्ण नहीं होने के कारण से सुनवाई के लिए चार सप्ताह का समय दिया गया है। ज्ञापन में मांग कि गई है कि सरकार सुप्रीम कोर्ट से एसएलपी वापस लेकर उच्च न्यायालय जोधपुर वृहद पीठ के 15 प्रतिशत बोनस अंक दिए जाने के फैसले को आधार मानते हुए अस्थाई वरियता के आधार पर सत्यापन पूर्ण करवा चुके नर्सेज को नियमित नियुक्ति प्रदान करने की मांग की ।
संविदा कर्मियों ने मुख्यमंत्री व चिकित्सामंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
:बाड़मेर. विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन करते नर्सिंगकर्मी।