हमीरा से सोनू तक बिछेगी रेल लाइन
गौरव पुरोहित - जैसलमेर
जिले वासियों के लिए एक खुशखबरी है। जैसलमेर के हमीरा गांव से सोनू के लिए रेल लाइन का सर्वे पूर्ण हो चुका है। साथ ही फाइनल सर्वे भी हो चुका है। शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही करीब 300 करोड़ की लागत से हमीरा से सोनू तक रेल लाइन बिछने का काम भी शुरू हो जाएगा। गौरतलब है कि पिछले कई सालों से हमीरा से सोनू तक रेल लाइन की मांग की जा रही थी। ताकि लाइम स्टोन की डस्ट से शहरवासियों को होने वाली परेशानी से निजात मिल सके। कई बार सर्वे भी हुआ लेकिन उसे अमली जामा नहीं पहनाया जा सका था। अब ये प्रक्रिया पूरी हो चुकी है तथा शीघ्र ही रेल लाइन के टेंडर निकाले जाएंगे।
56 किमी की होगी रेल लाइन
हमीरा से सोनू तक करीब 56 किमी रेल लाइन बिछाई जाएगी। हमीरा से रेल लाइन बरमसर होते हुए मोकला तथा मोकला से सोनू की तरफ जाएगी। सोनू से आगे भी लाइन बिछाई जाएगी जिससे लाइम स्टोन की लोडिंग सीधे सोनू के पास ही हो सकेगी। माइन्स से ट्रकों द्वारा माल लाया जाएगा। जिसके पश्चात लोडिंग सीधी मालगाड़ी में होगी। बेसिक सर्वे के बाद फाइनल सर्वे भी हो चुका है। शीघ्र ही टेंडर प्रक्रिया के पश्चात रेल लाइन का काम भी शुरू हो जाएगा। जानकारी के अनुसार रेल लाइन लाणेला से सड़क के किनारे ही बिछाई जाएगी।
हमीरा से सोनू रेल लाइन बिछने से सबसे बड़ा फायदा जैसलमेर शहर वासियों को होगा। रेलवे स्टेशन पर पूरे दिन ढुलाई चलती रहने से लाइम स्टोन की डस्ट उड़ती रहती है। जिससे कई लोग बीमारियों की चपेट में भी आ रहे थे। गांधी कॉलोनी, रेलवे कॉलोनी तथा रेलवे स्टेशन से जुड़े क्षेत्रों में पूरे दिन डस्ट उड़ती रहती है। जिससे कई लोगों को दमे की शिकायत भी हो गई है। ढुलाई यहां से हटने से सबसे बड़ा फायदा गांधी कॉलोनी के निवासियों को होगा। साथ ही सोनू से जैसलमेर तक लाइम स्टोन लाने वाले ट्रकों से लाइम स्टोन गिरता भी रहता है जिससे भी दुर्घटनाएं होती है। उन पर भी अंकुश लगेगा।
हमीरा से सोनू जाने वाली रेल लाइन पर करीब 300 करोड़ रुपए की लागत आएगी। जिसमें से पचास प्रतिशत राशि राजस्थान स्टेट माइन्स एंड मिनरल लिमिटेड द्वारा वहन की जाएगी। वहीं पचास प्रतिशत राशि रेलवे द्वारा वहन होगी। जानकारी के अनुसार रास्ते में पांच स्टेशन भी बनाए जाएंगे।
लाइम स्टोन डस्ट से मिलेगी निजात
रेल लाइन बिछने से जिले को हर क्षेत्र में लाभ मिलेगा।
ञ्च पिछले दो सालों से अटक रही सिमेंट फैक्ट्रियों की राह होगी आसान। इंफ्रास्ट्रक्चर डवलप होने के साथ ही सीमेंट फैक्ट्रियों को भी आसानी होगी।
ञ्च लाइम स्टोन खदान के पास ही रेल लाइन होने से आरएसएमएम द्वारा माल की ढुलाई ज्यादा की जा सकेगी। साथ ही अधिक मात्रा में भेजा जाएगा। जिससे आरएसएमएम का भी राजस्व बढ़ेगा।
ञ्च जैसलमेर रेलवे स्टेशन पर इन 24 घंटे लाइम स्टोन की ढुलाई होती है। जिससे दो लाइन मालगाड़ी में ही उपयोग में आती है। लाइम स्टोन की ढुलाई सीधे सोनू होने से जैसलमेर स्टेशन में ट्रैक खाली होंगे। जिससे लंबी दूरी की ट्रेनों के शुरू होने में आसानी होगी।
ञ्च सोनू सीमावर्ती क्षेत्र के पास है। जिससे सेना व बीएसएफ के भी उपयोग में ये लाइन आ सकती है।
ञ्च सोनू से जैसलमेर के मार्ग में प्रतिदिन 200 से अधिक ट्रक लाइम स्टोन का परिवहन करते है। जिससे मार्ग अति व्यस्त रहता है। साथ ही दुर्घटनाएं भी होती है। इन पर भी लगाम लगेगी।