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सहशैक्षिक गतिविधियों से व्यक्तित्व का विकास : महला
भास्कर न्यूज - बाड़मेर
सहशैक्षिक गतिविधियों में सहभागिता विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का बहुमुखी विकास करती हैं। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे इन गतिविधियों में भाग लेकर रचनात्मक प्रवृत्ति की ओर आगे बढ़े। ये विचार पीजी कॉलेज के उमंग कार्यक्रम में साहित्यिक गतिविधियों के समापन पर प्राचार्य घनश्याम महला ने व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र को नई दिशा देती है। युवाओं को दृढ़ निश्चय के साथ अपना लक्ष्य प्राप्त करने के लिए अग्रसर रहना होगा।इस अवसर पर व्याख्याता विनोद कुमार ने कहा कि आज का युवा बिना लक्ष्य के भटक रहा है। कार्यक्रम में काव्य पाठ प्रतियोगिता में जगदीश राजपुरोहित प्रथम, विक्रम चारण द्वितीय व भगवानसिंह तीसरे स्थान पर रहे।विद्यार्थियों ने समसामयिक मुद्दों तथा रोचक विषयों पर प्रेरक विचार रखे।
इसी तरह आशुभाषण प्रतियोगिता में विक्रम चारण व हिंगलाजदान प्रथम, भगवानसिंह द्वितीय व भगवानसिंह तृतीय रहे। इसके बाद ‘युवा शक्ति ही देश में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है’। विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें विक्रम चारण, माधाराम व जगदीश राजपुरोहित व भगवानसिंह प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहे।कार्यक्रम में निर्णायक की भूमिका डॉ.ललिता मेहता, डॉ.मधुलिका, डॉ.ओंकारनारायणसिंह, सोहनराज परमार, डॉ.अंजु सुथार, दिलीप कुमार परमार, बाबूलाल धनदे, के.बी शर्मा ने निभाई। कार्यक्रम संयोजिका डॉ.अरुणा ने स्टाफ सदस्यों का आभार व्यक्त किया। दो दिन पूर्व संपन्न सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में चैनाराम, भैरूसिंह, मिश्रीमल व वेणीदानसिंह प्रथम, द्वितीय व तृतीय रहे।छात्र संघ अध्यक्ष छगन मेघवाल ने खेलकूद प्रतियोगिताओं में भाग लेने का आह्वान किया।