ये तर्क थे राज्यपाल के भाषण में
सांसद ने कहा कि राज्यपाल ने अभिभाषण में रिफाइनरी की आलोचना करते हुए तर्क दिया कि बाड़मेर में 4.5 मिलियन मैट्रिक टन प्रतिवर्ष तेल उत्पादन क्षमता अगर कम हो जाए तो क्या करेंगे, दूसरा- 3736 करोड़ रुपए ब्याजमुक्त ऋण व तीसरा तर्क भारत में यह पहली परियोजना है जो इतनी बड़ी शर्तों पर लगाई जा रही है। ऐसी शर्तों से राज्य सरकार को नुकसान होगा। सांसद ने कहा कि 15 वर्ष के लिए ब्याजमुक्त ऋण के बदले रिफाइनरी से प्रतिवर्ष 15 से 20 हजार करोड़ रुपए राजस्व प्राप्त होगा। इसके अलावा सैकड़ों ऐसे उद्योग लगेंगे, जिनसे कई रोजगार पैदा होंगे। इससे बाड़मेर एनर्जी हब के रूप में देश का नेतृत्व करेगा।