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समीक्षा बाद रिफाइनरी पचपदरा में ही लगेगी: टापरा-ग्रामीण मंडल अध्यक्ष ने पूछा, पेयजल परियोजनाओं को कांग्रेस ने दबाकर क्यों रखाग्रामीण मंडल अध्यक्ष ने पूछा, पेयजल परियोजनाओं को कांग्रेस...

7 वर्ष पहले
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फोटो है...27बीएलटी-18 बालोतरा. भवानीसिंह टापरा।





भास्कर न्यूज. बालोतरा

पचपदरा में रिफाइनरी को लेकर भाजपा व कांग्रेस पार्टी में आरोप-प्रत्यारोप की छिड़ी बहस थमने का नाम नहीं ले रही। गत दिनों पूर्व विधायक मदन प्रजापत व क्षेत्रीय सांसद हरीश चौधरी की ओर से रिफाइनरी, पेयजल परियोजना व पंजीयन को लेकर दिए गए बयानों पर पलटवार करते हुए भाजपा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष भवानीसिंह टापरा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि कांग्रेस पार्टी बौखला गई है। टापरा ने कहा कि भाजपा आमजन को विश्वास दिलाती है कि राजस्थान के समग्र विकास एवं हितों को सुरक्षित रखते हुए रिफाइनरी के अनुबंधों की शर्तों की समीक्षा बाद रिफाइनरी पचपदरा क्षेत्र में ही लगेगी।

उन्होंने बताया कि एक साल के भीतर-भीतर दोनों पेयजल परियोजनाओं को पूर्ण कर जनता को पेयजल की समस्या से निजात दिलाया जाएगा। वहीं खनन नीति की समीक्षा कर जल्द ही फरवरी-मार्च तक इस बजरी के दामों की समस्या का भी स्थाई समाधान हो जाएगा। पंजीयन पर लगी रोक हटाने की राज्य सरकार की ओर से प्रक्रिया चल रही है। टापरा ने कहा कि पूर्व विधायक व सांसद जनता को बताएंगे कि पोकरण-फलसूंड-बालोतरा व उम्मेदसागर-धवा-कल्याणपुर पेयजल परियोजना, जो 1 सितंबर 2008 में तत्कालीन भाजपा सरकार की ओर से उद्घाटित की थी और इस पेयजल परियोजना को पूर्ण करने की समयावधि 18 माह थी, लेकिन परियोजना को कांग्रेस सरकार ने 5 वर्ष तक दबाकर क्यों रखा?, प्रतिवर्ष दिए जाने वाले बजरी खनन के ठेके को कांग्रेस सरकार ने एक साथ पांच वर्ष के लिए इतने ऊंचे दामों में दे दिया क्यों?, कांग्रेस सरकार ने आबकारी विभाग के ठेके ((शराब, पोस्ट डोडा)) पिछले दो वर्षों से क्यों नहीं करवाएं? क्या इसमें मादक द्रव्य के तस्करों से सौदेबाजी तो नहीं हुई, क्या कांग्रेस जनप्रतिनिधि इसका जवाब दे सकते हैं। उन्होंने प्रश्न किया कि कांग्रेस सरकार ने जुलाई 2013 में पचपदरा तहसील व जसोल उप तहसील में दस्तावेजों के पंजीयन पर रोक लगाई, तब सरकार में थे तो पांच माह तक पंजीयन खुलवाने की पैरवी क्यों नहीं की? टापरा ने कहा कि कांग्रेस सरकार की ओर से जिले में रिफाइनरी का निर्णय लेना और चुनाव से एनवक्त पहले आनन-फानन में शिलान्यास करवाने से साफ जाहिर होता है कि कांग्रेस सरकार चुनावी लाभ लेना चाहती थी, लेकिन जनता समझदार हो चुकी है, विधानसभा चुनाव में मुंह तोड़ जवाब दिया।