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घर का पूत कुंवारा डोले, पाड़ोसियां का फेरा ...
शैलेश वासु - बाड़मेर
राजस्थानी में कहावत है कि ‘घर का पूत कुंवारा डोले, पाड़ोसियां का फेरा... ’, लगभग ऐसा ही यहां सीएमएचओ कार्यालय में देखने में आ रहा है। सीएमएचओ स्वयं जिले भर के अस्पतालों में साफ सफाई और रंगरोगन की व्यवस्था और कबाड़ को हटाने के दौरा कर रहे हैं। वे निरीक्षण करने के साथ ही सफाई व्यवस्था को सुचारू करने पर जोर दे रहे हैं, ताकि अस्पताल स्वच्छ रहे तो आने वाले लोग भी स्वस्थ रह सकें। इसके विपरीत स्वयं उनका दफ्तर ही कबाड़ खाना बना हुआ है। उनके यहां कई कीमती सामान कबाड़ में बिखरा पड़ा है। पूरा कार्यालय सफाई को तरस रहा है, जगह-जगह गुटखे के पीक के निशान है, पहली हो या दूसरी मंजिल, हर जगह पुराना बिना काम का सामान बिखरा पड़ा है।