किसान बोले- विधायक करें पैरवी
भास्कर न्यूज़ - पचपदरा
बालोतरा उपखंड में पिछले सात माह से रजिस्ट्री पर लगी रोक हटाने, रिफाइनरी पचपदरा में ही लगाने तथा नमक उत्पादकों की नमक की खानों के रिफाइनरी की चपेट मे आने से बचाने और मुआवजा दिलाने के तीन सूत्री मांग पत्र को लेकर पचपदरा किसान संघर्ष समिति के बैनर तले अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को सातवें दिन भी जारी रहा।
अध्यक्ष राणाराम चौधरी, सांवलसिंह राजपुरोहित, मांगीलाल माली, पदम शर्मा व दलपतसिंह रेवाड़ा ने अपने समर्थकों के साथ नारे लगाते हुए तहसील रीडर महिपालसिंह रतनू को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में तीन सूत्री मांगों को लेकर सरकार पर हठधर्मिता का आरोप लगाया। अध्यक्ष राणाराम चौधरी ने बताया कि समस्या का समाधान करने के स्थान पर सरकार उल्टा चोर कोतवाल को डांटे की तर्ज पर अपने विधायकों द्वारा विधानसभा में रिफाइनरी को लेकर बेतुके वक्तव्य दिलवाकर बाड़मेर ही नहीं संपूर्ण राज्य के सर्वांगीण विकास को अवरुद्ध करने पर तुली है। जो हम हर्गिज नहीं करने देंगे। राज्य विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद बहस के दौरान भाजपा विधायक मोहनलाल गुप्ता ने गत सरकार की रिफाइनरी सहित अन्य योजनाओं को बिना सोचे समझे जल्दबाजी में लागू करने को प्रदेश की जनता के साथ छलावा मात्र बताया और कहा कि गत सरकार ने अंतिम दिनों में चुनाव में फायदा लेने के लिए कई योजनाएं लागू कर दी। उन्होंने यह भी कहा कि 16 प्रतिशत वायबिलिटी के स्थान पर जीरो प्रतिशत आईआरएल व 7 प्रतिशत वायबिलिटी है, जिस पर बिना ब्याज रुपए, तेल, पानी और जमीन देने के बाद पैसा देना गत सरकार की जल्दबाजी की घोषणा है। भाजपा विधायक मोहनलाल गुप्ता की ओर से सोमवार को राज्यपाल के अभिभाषण प्रस्ताव पर बहस के दौरान पचपदरा में रिफाइनरी को लेकर दिए गए नकारात्मक एवं विकास को अवरुद्ध करने वाले बयान को मोदी और रिलायंस को फायदा पहुंचाने वाले इस वक्तव्य की पचपदरा किसान संघर्ष समिति घोर निंदा करता है। शिक्षाविद् समाजसेवी जैसलसिंह खारवाल ने बताया कि भाजपा विधायक शायद भूल गए है कि इस वित्तीय वर्ष के प्रारंभिक नौ महीनों में सरकार को रॉयल्टी के रूप मे 18 हजार 800 करोड़ का राजस्व राजकोष में जमा हुआ और तीन दिन पूर्व केयर्न और ओएनजीसी के संयुक्त तत्वाधान में दो नए तेल कुएं उजागर हुए, जिनसे करीब 50 60 करोड़ बैरल तेल निकलेगा। इससे हजारों करोड़ की तेल रॉयल्टी राजस्व के रूप में राजकोष मे जमा होगी। ज्ञापन में उन्होंने रजिस्ट्री पर लगी रोक हटाने एवं नमक की खानों का संरक्षण तथा मुआवजे को लेकर भाजपा विधायक अमराराम चौधरी और सहकारिता मंत्री अजयसिंह किलक द्वारा आश्वासन देने पर आभार जताया। उन्होंने कहा कि बाड़मेर जिले के 6 विधायक इन मुद्दों को लेकर मौन है। उन्होंने जिले के सभी विधायकों से इन मुद्दों पर पैरवी की मांग की। इस अवसर पर अमरसिंह गोदारा, सांवलसिंह राजपुरोहित, पूनाराम नागाणा, नारायणसिंह नागाणा, रामबाबू अरोडा, गोपीलाल पालीवाल, गोविंदराम खारवाल, दताराम खारवाल, पारसमल खारवाल, पवन फौजी, वासुदेव खारवाल, दलपतसिंह रेवाड़ा, मांगीलाल माली, भंवरलाल भाट, मुशरफ कुरैशी, पुखराज घांची, मकाराम भील, नरपत माली, दौलतराम गोदारा, भंवरसिंह राजपुरोहित, हनुमान चौधरी, इंद्रसिंह, पपुराम विश्नोई, भैराराम डूडी, रतनाराम चौधरी, तोगाराम जाट, रेवतसिंह दूदवा, केवलचंद, मंगलाराम माली, माणक देवासी, धनराज खारवाल, वीरमाराम भील, जैसाराम भील, जैपाराम पटेल सहित समर्थक उपस्थित थे।