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बीस स्कूलों की तीन सौ छात्राएं साइकिल को मोहताज
भास्कर न्यूज - बाड़मेर
सरकारी स्कूलों में पढऩे वाली नवीं व दसवीं कक्षा की करीब तीन सौ छात्राओं को साइकिल मिलने का बेसब्री से इंतजार है। आधा शिक्षा सत्र बीत चुका है, लेकिन अभी तक नव क्रमोन्नत सैकंडरी स्कूलों की छात्राएं साइकिलें नहीं मिलने से पैदल सफर तय करने मजबूर है। विभाग ने जून, 2013 में करीब दस हजार छात्राओं को साइकिल के लिए 2500-2500 रुपए के चेक वितरित कर दिए। क्रमोन्नत करीब 20 स्कूलों को बजट नहीं मिलने से छात्राएं साइकिलों की राह ताक रही हैं। जिले में सीनियर सैकंडरी व सैकंडरी स्कूलों में कक्षा नवीं व दसवीं में अध्ययनरत छात्राओं को साइकिलों के लिए सरकार ने जून, 2013 में शिक्षा विभाग को बजट जारी किया। इस दौरान शिक्षा विभाग ने ढाई करोड़ रुपए का बजट संबंधित स्कूलों को जारी कर दिया। इस पर स्कूल प्रशासन ने पात्र छात्राओं को ढाई ढाई हजार रुपए के चेक बांट दिए, लेकिन नव क्रमोन्नत 20 स्कूलों की तीन सौ छात्राएं वंचित रह गई। कई स्कूलों से बजट वापस मंगवाया गया, जिनको ज्यादा राशि जारी कर दी गई थी।
क्यों आई यह नौबत
शिक्षा विभाग ने नवीं व दसवीं में पढऩे वाली करीब दस हजार छात्राओं को चेक बांटे। इन स्कूलों को छात्राओं की संख्या से अधिक बजट जारी कर और नव क्रमोन्नत को बजट जारी करना भूल गए। अब विभाग ने राशि जारी करने के निर्देश
दिए है।
हर बार बदले नियम
दो साल पहले छात्राओं को 300 रुपए शुल्क पर साइकिलें दी जाती थी, लेकिन गत साल शिक्षा विभाग ने इस नियम में बदलाव करते हुए 200 रुपए की राशि घटा दी। महज एक सौ रुपए जमा करवाने पर साइकिलें वितरित की गई। इसके साथ ही उसी छात्रा की पात्रता मानी गई, जो स्कूल की जगह से अन्य गांव की होगी तथा स्कूल से दूरी 2 से 5 किमी के दायरे में थी। इस बार तो साइकिलें देने की बजाय पात्र छात्राओं को ढाई ढाई हजार रुपए के चेक वितरित करने की प्रक्रिया शुरू की।