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भूमि अवाप्ति को लेकर ग्रामीणों में फूटा गुस्सा

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - बाड़मेर
ग्राम पंचायत बोथिया जागीर गांव तलिया व उसके पड़ोस खसरा एवं श्मशान की भूमि, नाडी आगोर, गोचर, आबादी व गैर मुमकिन करीब 300 बीघा भूमि को कपूरड़ी लिग्नाइट परियोजना में आरएसएमएमएल की ओर से अवाप्त से मुक्त रखने की मांग को लेकर मंगलवार सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणों ने भाजपा नेता रामसिंह बोथिया के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट के बाहर प्रदर्शन कर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
किसान भूमि अवाप्ति संघर्ष समिति के अध्यक्ष बोथिया ने बताया कि फाइनल अवार्ड जारी करने से पूर्व 29 जुलाई 2009 को ग्रामीणों की मांग पर जनप्रतिनिधियों, तत्कालीन कलेक्टर, आरएसएमएमएल के प्रतिनिधि, जेएसडब्ल्यू व किसान भूमि अवाप्ति संघर्ष समिति के पदाधिकारियों के बीच कलेक्टर कार्यालय में बैठक आयोजित हुई। जिसमें कंपनी, जिला प्रशासन व अवाप्ति समिति के बीच सहमति बनी थी कि उक्त भूमि को अवाप्ति प्रक्रिया से मुक्त रखा जाएगा। जिसमें ग्राम बोथिया जागीर गांव तलिया को यथावत रखा जाएगा। इसके बाद कलेक्टर व कंपनी प्रतिनिधियों व अवाप्ति समिति के पदाधिकारियों के बीच 7 अगस्त 2009 को बैठक हुई जिसमें ग्रामीणों ने फिर से मांग उठाई थी। जिसमें कई बिंदुओं पर कंपनी व ग्रामीणों के बीच सहमति बनी। ग्राम बोथिया जागीर की आबादी भूमि व पड़ोस के खसरों को अवाप्ति से मुक्त रखना,स्थानीय लोगों को रोजगार में वरियता, प्रभावित उप्रावि. मूलोणी मेघवालों की ढाणी भवन को अन्य स्थान पर कंपनी के बजट से स्थानांतरित करना, माइंस का डंपिंग गांव से दूर रखना, सात सौ साल पुराने माता नागणेचिया देवी मंदिर को अवाप्ति से मुक्त रखना सहित कई मांगे शामिल है। इस दौरान मांगीलाल सुथार, मोती सिंह, नखतसिंह, बाबूलाल, जालम सिंह, भूर सिंह, पुरखाराम सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।