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स्कूल बंद, शिक्षक नदारद फिर भी कार्रवाई नहीं
भास्कर न्यूज - बाड़मेर
जिला शिक्षा अधिकारी ((प्राशि)) पृथ्वीराज दवे ने बाड़मेर बीईईओ मूलाराम बेरड़ को स्कूलों में शिक्षकों की अनुपस्थिति व अनियमितता को लेकर तुरंत कार्यवाही नहीं किए जाने के मामले में नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। यह नोटिस बीईईओ को अपनी जिम्मेदारी के प्रति लापरवाही बरतने को लेकर मिला है।
निरीक्षण में बंद स्कूलों व अनुपस्थित शिक्षकों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं किए जाने से खफा डीईओ ने नोटिस जारी कर तीन दिन के अंदर बीईईओ बाड़मेर से जबाव मांगा है।
निरीक्षण रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं : डीईओ दवे ने बताया कि 2 जनवरी 2014 को एबीईईओ बाड़मेर लालाराम ने ग्राम पंचायत सियाणी, इंद्रोई, भाचभर व देरासर के लगभग 13 विद्यालयों का निरीक्षण किया था। जिसमें कई विद्यालय पूर्णतया बंद पाए गए तथा कई विद्यालयों में शिक्षक लंबे समय से नदारद व बिना किसी सूचना के अनुपस्थित पाए गए। जिसकी रिपोर्ट एबीईईओ बाड़मेर ने बीईईओ के समक्ष प्रस्तुत की थी। बीईईओ मूलाराम बेरड़ ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की। रिपोर्ट के आधार पर संस्था प्रधानों से स्पष्टीकरण मांगा जाना था। इतना ही नहीं कार्मिकों की ओर से प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं होने की स्थिति में उन्हें निलंबित भी किया जाना चाहिए था।
मुख्यमंत्री के आदेशों की पालना नहीं : मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के स्पष्ट निर्देश है कि 60 दिवस की कार्य योजना के तहत स्कूलों का सघन निरीक्षण कर दोषी कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई कर शिक्षा में गुणात्मक सुधार लाए। वहीं दूसरी तरफ बीईईओ ने स्कूलों के बंद होने व शिक्षकों के नदारद होने के बाद भी कार्यवाही नहीं की। दवे ने इस कृत्य को गंभीर लापरवाही, मिलीभगत, आदेशों की अवहेलना, अनुशासनहीनता एवं विभागीय अभियानों के प्रति पूर्णतया उदासीनता माना है।
तीन दिन में मांगा जबाव : बीईईओ मूलाराम को तीन दिन के अंदर पूरे मामले में जबाव प्रस्तुत करना होगा कि एबीईईओ के निरीक्षण की रिपोर्ट पर उन्होंने संबंधित कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अगर समय रहते जबाव नहीं देने व बीईईओ के दोषी पाए जाने पर राजस्थान सिविल सेवाएं नियम 1958 के नियम 16 तहत विभागीय जांच की कार्यवाही निदेशक बीकानेर को प्रस्तुत की जाएगी।