डॉग स्क्वॉयड की कमी झेलता पुलिस बेड़ा
कालू माली . बाड़मेर
कई बार सुरक्षा बदइंतजामियों के कारण असामाजिक तत्व अपनी राष्ट्रविरोधी गतिविधियां करने में कामयाब हो जाते हैं। पेट्रोलियम हब, लिग्नाइट कोयला प्रोजेक्ट और थार एक्सप्रेस जैसे सामरिक महत्व के केंद्र होने के बावजूद जिले को डॉग स्क्वॉयड की सुविधा नहीं मिली है। पुलिस लाइन में डॉग स्क्वायड क्वाटर्स लाखों रुपए खर्च कर बनाए गए है जो धूल फांक रहे हैं।
बाड़मेर राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे भारत में सीमावर्ती क्षेत्रों में सबसे ज्यादा संवेदनशील एवं सामरिक महत्व का इलाका है। यहां पर पूर्व में भी सीमा पार से आरडीएक्स, हेरोइन की खेप बब्बर खालसा आतंकी संगठन के लिए लाई गई थी। साथ ही आतंकी यहां के संवेदनशील माने जाने वाले पेट्रोलियम हब और लिग्नाइट पावर प्लांट की रैकी कर चुके हैं। प्रशासन इससे वाकिफ हैं, बावजूद इसके बद इंतजामिया हावी है। यहां पर डॉग स्क्वॉयड सुविधा मयस्सर करवाने की बातें सिर्फ कागजों में ही हुई यही नहीं लाखों रुपए खर्च कर पुलिस लाइन में डॉग स्क्वॉयड क्वार्टर भी बनाए गए, लेकिन ये भवन कोई उपयोग में नहीं आए और ना ही डॉग स्क्वॉयड यहां पर उपलब्ध करवाए गए।
बाड़मेर में वीवीआईपी, वीआईपी मूवमेंट-आपातकालीन परिस्थितियां होने की स्थिति में बीकानेर और जोधपुर से डॉग स्क्वॉयड मंगवाना पड़ता है। जिसमें करीब तीन से छह सात घंटे का समय व्यर्थ ही खराब होता है।