सीवरेज के धीमे काम से जनता परेशान
भास्कर न्यूज - बाड़मेर
सीवरेज की सुविधा के लिए सारे शहर की गलियों को खोद कर रख दिया गया। इस खुदाई के बाद इन खड्डों को भरने की सिर्फ औपचारिकता ही की गई है, जो आम लोगों के लिए यह सुविधा दुविधा साबित हो रही है। इन खड्डों को भरने के लिए सिर्फ मिट्टी और कंकरी बिछा कर इतिश्री कर ली गई है। इस कंकरी के कारण आए दिन किशोर, युवा और बुजुर्ग दुपहिया वाहनों से गिर कर चोटिल हो रहे हैं। शहर का सौंदर्यीकरण करना तो कोसों दूर, शहर की सूरत और सीरत बिगाड़ कर रख दी गई है।
इन क्षेत्रों में सड़कों की हालत खराब
सीवरेज के काम ने पूरे शहर को खोद डाला है। शहर की कोई गली हो या कोई मोहल्ला, मुख्य मार्ग हो या बाजार कही से भी निकलो मगर संभल कर ही चलना पड़ेगा। वाहन चालकों के साथ पैदल चलने वालों पर भी यह सुविधा का प्रयास भारी पड़ रहा है। ये खड्डे गल्र्स कॉलेज की रोड हो या हाई स्कूल रोड, लक्ष्मीपुरा हो या लक्ष्मीनगर, रॉय कॉलोनी हो या बेरियों का वास, पुराने पावर हाउस के पीछे या तन सिंह सर्किल, सुमेर गौशाला के सामने, माहेश्वरी चौक और महावीर नगर हर जगह सड़क को खोद तो डाला है। सीवरेज लाइन बिछाने के लिए यह जरूरी तो था, लेकिन उससे भी जरूरी यह है कि इनको समय पर ठीक से भरकर उस पर नए सिरे से सड़क का निर्माण समय पर कराना चाहिए था, जो अब तक नहीं हो पाया है।
परेशान है शहर
के लोग
टूटी सड़कों और कंकरी बिछे मार्गों के कारण रोजाना दुर्घटनाएं हो रही है। इससे अस्पताल में आने वाले चोटिल लोगों की संख्या भी बढ़ रही है। पैदल चलने वाले लोगों को भी कंकरी पर चलना दुश्वार लगता है। दुपहिया वाहन चालकों ने सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान भले ही हेलमेट न पहना हो, लेकिन इन टूटी-फूटी सड़कों पर चलने के दौरान हेलमेट अवश्य पहनने लग गए हैं।