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संबलन अभियान में बौद्धिक क्षमता की होगी परख

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज. धौलपुर
सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बालक-बालिकाओं का शैक्षिक स्तर सुधारने के लिए विशेष संबल शिक्षण अभियान के द्वितीय चरण में शैक्षिक उन्नयन हेतु दो दिवसीय कार्यक्रम 15 जनवरी से प्रारंभ होगा। जिसमें बच्चों के शैक्षणिक स्तर का आकलन, कक्षा में की जाने वाली शिक्षण प्रक्रिया का अवलोकन, बच्चों को दिया जाने वाला गृह कार्य व उसकी जांच शामिल है। गौरतलब है कि गुणवत्ता शिक्षा सुधार हेतु एसएसए की ओर गत माह पहले कक्षानुरूप रीडिंग कैम्पिन भी चलाया गया था। संबलन अभियान में जिले के 138 पीएस व यूपीएस विद्यालयों का चयन किया गया। जिले में 69 शिक्षा अधिकारियों को विद्यालयों के सघन अवलोकन के लिए लगाया गया है। राजस्थान शिक्षा परिषद जयपुर के दिशा निर्देशानुसार जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय संचालन समिति का गठन किया गया है। सर्वशिक्षा अभियान के अतिरिक्त जिला समन्वयक कैलाश चंद शर्मा ने बताया कि अभियान की तैयारियों को लेकर समस्त अवलोकनकर्ता व अधिकारियों का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर 8 जनवरी को जिला मुख्यालय एवं पंचायत समिति स्तर पर होंगे। संबलन अभियान को सफल बनाने के लिए रूट चार्ट तैयार कर लिया गया है। एडीपीसी शर्मा ने बताया कि संबलन अभियान कार्यक्रम के तहत 15 व 16 जनवरी को एक अधिकारी पूरे दिन एक विद्यालय का अवलोकन करेंगे। अवलोकनकर्ता अधिकारी की देखरेख में एसएमसी की बैठक होगी। अवलोकन के दौरान पाई गई कमियों में सुधार करने हेतु अवलोकनकर्ता अधिकारी मौके पर ही संस्था प्रधान को सुझाव देगा और एसएमसी के सदस्यों से भी शिक्षा की गुणवत्ता हेतु विचार-विमर्श किया जाएगा। संबलन अभियान से जिले के करीब 28 हजार बालक-बालिकाएं लाभांवित होंगे।



जिला स्तरीय कार्यदल गठित

संबलन अभियान को सफल बनाने के लिए सर्वशिक्षा अभियान की ओर से जिला स्तरीय कार्यदल गठित किया गया है। जिला कलेक्टर एवं संबलन अभियान अध्यक्ष कुमारपाल गौतम के निर्देशन में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश वर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी गणेश धाकरे, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक कैलाश चंद कटारिया तथा एसएसए के अतिरिक्त जिला परियोजना अधिकारी कैलाश चंद शर्मा को इसका दायित्व सौंपा गया है। एसएसए के एपीसी राकेश पालीवाल ने बताया कि संबलन द्वितीय चरण अभियान के तहत राजकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों सहित के जीबीबी स्कूलों को सघन अवलोकन किया जाएगा। जिससे पीएस एवं यूपीएस विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधार हो सके।



लापरवाही करने पर होगी कार्रवाई

संबलन अभियान के दौरान यदि किसी विद्यालय में अनियमितताएं पाई जाती है तो ऐसे शिक्षकों व संस्था प्रधानों के खिलाफ संबंधित ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जांच करेगा। दोषी पाए जाने पर इसकी रिपोर्ट जिला कलेक्टर एवं संबल अभियान अध्यक्ष को भेजकर कार्रवाई की जाएगी। एपीसी राकेश पालीवाल ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों के विलंब से पहुंचना, बच्चों के दैनिक गृह कार्य की जांच नहीं करने सहित कक्षा कक्षों में शिक्षकों द्वारा पढ़ाई नहीं कराने की लापरवाही शामिल है।

मौखिक व लिखित में होगा आकलन

संबलन शिक्षा अभियान 2013-14 के द्वितीय चरण में अवलोकनकर्ता कक्षा में की जा रही शिक्षण प्रक्रिया व बच्चों के शैक्षिक स्तर का आकलन करेंगे। संबलन के द्वितीय चरण में कक्षा 2 से 8वीं के बालक-बालिकाओं को शामिल किया जाएगा। बच्चों के शैक्षिक स्तर का आकलन के लिए दिए गए मॉडल प्रश्न बैंक के माध्यम से मौखिक एवं लिखित दोनों प्रकार से किया जाना सुनिश्चित किया गया है। जिसमें हिन्दी, गणित एवं अंग्रेजी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।