चाय और गोलगप्पे बेचने के लिए भी लाइसेंस
भास्कर न्यूज - धौलपुर
स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य पदार्थों में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए लाइसेंस व्यवस्था चौकस करने का निर्णय किया है। इसके तहत विभागीय अधिकारी चाय की थड़ी से लेकर गोलगप्पे की रेहड़ी तक की निगरानी करेंगे। इस व्यवस्था को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए सभी तरह के खाद्य पदार्थ विक्रेताओं के लिए खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस व्यवस्था के तहत सभी विक्रेताओं को चार फरवरी से पहले लाइसेंस लेना होगा। ऐसा न करने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई होगी। विक्रेताओं की सुविधा के लिए बीते दस दिसंबर से ही ऑनलाइन लाइसेंसिंग की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। इससे विक्रेता घर बैठे या नजदीकी साइबर कैफे में जाकर लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकता है। रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस के लिए 100 रुपए से लेकर 7500 का शुल्क तय किया गया है। यह व्यवस्था जिले के समस्त छोटे-बड़े खाद्य सामग्री विक्रेताओं पर समान रूप से लागू होगी। बिना लाइसेंस एवं रजिस्ट्रेशन के व्यापार करने पर छह माह की कैद एवं पांच लाख रुपए तक जुर्माना हो सकता है।