पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • सत्संग तथा सद्चरित्र से ही कल्याण संभव : शास्त्री

सत्संग तथा सद्चरित्र से ही कल्याण संभव : शास्त्री

8 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
धौलपुर. कंचनपुर क्षेत्र के भौनीपुरा में आयोजित श्रीमद भागवत कथा में आचार्य केशव देव शास्त्री ने कहा कि चरित्र निर्माण के लिए सत्संग बहुत जरूरी है। बिना सत्संग के न तो परिवार में चरित्र निर्माण हो सकता है, और न ही समाज में। बिना चरित्र निर्माण के समाज का उत्थान संभव ही नहीं है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में संतों के व्यवहार से पूरे संत समाज की गरिमा धूमिल हुई है। संत को चरित्रवान होकर समाज के सामने आदर्श प्रस्तुत करना चाहिए। शास्त्री ने कहा कि धर्मग्रंथों में ईश्वर के भक्तों के चरित्र का बखान है। यह इसलिए है ताकि भक्त उन पर अमल करें। केवल कथा सुनने मात्र से ही कल्याण संभव नहीं है। भक्तराज प्रहलाद की कथा सुनाई। इसी प्रकार उन्होंने अजामिल की कथा सुनाई। गजेंद्र की कथा में पंडित केशवदेव शास्त्री ने कहा कि सागर में जल पीने गए प्रभु भक्त गजेंद्र का पैर मगरमच्छ ने पकड़ लिया तथा उसकी जान प्रभु ने आकर बचाई। इसलिए प्रभु की भक्ति सर्वोपरि रहनी चाहिए। दुनिया में सारे नाते रिश्ते दिखाने के हैं। कोई किसी का नहीं है। प्रारंभ में परीक्षित गुलाब सिंह परमार तथा मंजूसिंह परमार ने व्यास गद्दी का पूजन किया। शनिवार को समुंद्र मंथन की कथा होगी।