बकरी पालन केंद्र खोलने की कवायद शुरू
भास्कर न्यूज. धौलपुर
जिले के बाड़ी एवं सरमथुरा इलाके में बकरियों की संख्या अधिक है। इसी से गरीब के घर गृहस्थी की गाड़ी चल रही है। पशु पालन विभाग द्वारा बाड़ी-सरमथुरा के मध्य बकरी पालन केंद्र खोलने की कवायद शुरू की गई है।
धौलपुर जिले में 1 लाख 50 हजार 804 बकरियां है। इनमें से अधिकांश बकरियां बाड़ी एवं सरमथुरा इलाकों में है। यहां के बीहड़ व पठारी इलाकों में बकरियों के लिए पर्याप्त भोजन उपलब्ध है। इसलिए यहां बकरी पालन अधिक किया जा रहा है। धौलपुर, राजाखेड़ा, बसेड़ी में बकरी पालन किया जाता है। बकरियों से ही गरीब के घर का खर्चा निकल रहा है। पशु पालन विभाग बाड़ी व सरमथुरा इलाके में बकरी पालन केंद्र का भवन बनाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने के लिए जिला कलेक्टर को पत्र लिखा गया है। यह पत्र जिला कलेक्ट्रेट से एसडीएम सरमथुरा को भेजा गया है। अभी तक भूमि उपलब्ध नहीं हुई है। पशु पालन विभाग के संयुक्त निदेशक राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने बताया कि भूमि उपलब्ध होने के बाद केंद्र का भवन निर्माण कराने के लिए प्रस्ताव सरकार को भेजा जाएगा।
यह होगा लाभ
पशु पालन विभाग के संयुक्त निदेशक राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने बताया कि बकरी पालन केंद्र का निर्माण होने के बाद केंद्र में बकरी पालकों को बकरियों को रोग मुक्त रखने के साथ बकरियों की संख्या में वृद्धि के बारे में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गरीबों को रोजगार मुहैया होने के साथ वे आर्थिक रूप से समृद्ध होंगे। जिले में 3 लाख 83 हजार 581 भैंस तथा 60 हजार 191 गाय है। पशुपालन विभाग के मुताबिक जिले में गायों की संख्या घट रही है। बकरी तथा भैंसों की संख्या में वृद्धि आंकी गई है। जिले में लगभग 12 लाख लीटर दूध का प्रतिदिन उत्पादन हो रहा है। यह दूध जिले के साथ मध्यप्रदेश व उत्तरप्रदेश के कई जिलों सप्लाई हो रहा है।
बकरी का दूध लाभकारी
बकरी का दूध सेहत के लिए लाभकारी माना जाता है। जिले में बकरी पालन खुलने के बाद बकरी के दूध की उपलब्धता अधिक हो जाएगी। शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. हरिओम गर्ग ने बताया कि बकरी का दूध सेहत के लिए बेहतर होता है। बकरी के दूध से चर्बी नहीं बढ़ती है तथा यह पाचन क्रिया में सहायक है।