नगर परिषद में कर्मचारियों को पीटा
भास्कर न्यूज - धौलपुर
नगर परिषद एवं जिला प्रशासन ने संयुक्त रूप से गुरुवार को शहर में अतिक्रमण के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान दर्जन भर स्थानों से अतिक्रमण हटाया। अभियान के दौरान दस्ते को काफी विरोध का सामना करना पड़ा। अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से आक्रोशित गौरवपथ के निवासियों ने देरशाम नगर परिषद में आकर दो कर्मचारियों के साथ मारपीट की। इस संबंध नगर परिषद आयुक्त बीएल सोनी ने कोतवाली थाने में आधा दर्जन युवकों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दी है।
कार्रवाई की शुरूआत सुबह आठ बजे संतर रोड से हुई। यहां लोगों ने सड़क की जमीन पर मकान बना लिया था। नगर परिषद की टीम ने भारी विरोध के बीच मकान को ढहा दिया। इसके बाद पूरी टीम भवा साहब का बाड़ा पहुंची। यहां कई घरों के सामने सड़क पर बने चबूतरे को तोड़ते हुए मकान मालिकों को अपनी जमीन में ही सिमट कर रहने के लिए पाबंद किया गया। इसके बाद गुरुद्वारा रोड पर एक निर्माणाधीन भवन की छत तोड़ी गई। आखिर में अतिक्रमण विरोधी दस्ते ने गौरवपथ से दर्जनों स्थाई और अस्थाई अतिक्रमण हटाते हुए सफाई कराई। इस कार्रवाई का नेतृत्व सहायक कलेक्टर कैलाश चंद शर्मा एवं नगर परिषद आयुक्त बीएल सोनी ने किया। इस कार्रवाई में नगर परिषद के राजस्व निरीक्षक किंगपाल सिंह राजौरिया, सेनेट्री इंस्पेक्टर करण सिंह, सफाई ठेकेदार मोहन सिंह समेत करीब चार दर्जन नगर परिषद के कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद था।
हर जगह झेलना पड़ा विरोध
संतर रोड पर तो अतिक्रमण करने वाले पहले तो ईंट पत्थर लेकर दस्ते के ऊपर टूट पड़े। जब इससे भी बात नहीं बनी तो जेसीबी के नीचे आकर लेट गए। बड़ी मुश्किल से इन्हें हटाकर कार्रवाई हुई। वहीं भवा साहब के बाड़े में लोगों ने यह कहते हुए विरोध किया कि उनका चबूतरा टूटेगा तो बाकियों का भी नहीं रहना चाहिए। यही स्थिति गुरुद्वारा रोड एवं गौरव पथ पर भी देखी गई। यहां अतिक्रमणरोधी दस्ते ने बलपूर्वक अतिक्रमण हटाया।
जितनी शिकायत उतनी कार्रवाई
कलेक्टर ने अतिक्रमण के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के निर्देश के साथ दस्ते को रवाना किया था। बावजूद इसके यह अभियान केवल शिकायती मामलों तक ही सिमट कर रह गया। इस टीम ने केवल उन्हीं अतिक्रमणों के खिलाफ कार्रवाई की जिसके लिए शिकायत दर्ज कराई गई थी। इनमें भी केवल नीचे सड़क पर ही कार्रवाई हुई। जबकि छत एवं छज्जों को केवल देखकर ही छोड़ दिया गया। हालांकि नगर परिषद आयुक्त बीएल सोनी एवं सहायक कलेक्टर कैलाश चंद शर्मा दोनों ने ही इन छज्जों को अवैध करार दिया।
नगर परिषद एवं जिला प्रशासन ने संयुक्त कार्रवाई कर कई जगह से हटाया अतिक्रमण, लोगों ने जताया विरोध