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कुख्यात अपराधी बलवीर बानूड़ा अवैध शराब मामले में बरी
दांतारामगढ़. करड़ में अवैध शराब बेचने के मामले में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने कुख्यात अपराधी बलवीर बानूड़ा, सागरमल जाट निवासी बानूड़ा, राजू जाट निवासी मंडावरा, मदनलाल जाट निवासी बानूड़ा व सुभाष जाट निवासी पचार को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।
वहीं मामले के दो आरोपियों भंवरलाल पुत्र सुवाराम जाट निवासी करड़ व कैलाश पुत्र हनुमान जाट निवासी बानूड़ा को दो-दो वर्ष के साधारण कारावास व दो -दो हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है। मामले के अनुसार करड़ गांव में 2006 में दांतारामगढ़ पुलिस व डीएसपी रींगस के सामने करड़ खारड़े में एक मकान में अवैध शराब सप्लाई करने का मामला सामने आया था। इस पर पुलिस ने दबिश दी और मौके पर पहुंची तो चार बोरियों में भरे 480 पव्वे मिले थे। मौके से सुभाष, राजू, मदनलाल व भंवरलाल व कैलाश को गिरफ्तार किया गया था। मौके से कुछ जिंदा कारतूस भी मिले थे। अवैध शराब के बारे में पूछे जाने पर इन लोगों ने बलवीर बानूड़ा द्वारा लाना बताया। बाद में पुलिस ने आबकारी अधिनियम व आम्र्स एक्ट के तहत मामला बनाया था। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दांतारामगढ़ ने मामले पर बहस सुनने के बाद गुरुवार को यह फैसला सुनाया। न्यायालय ने जब्त अवैध शराब को आबकारी विभाग में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। आरोपियो ने जितना समय न्यायिक अभिरक्षा व पुलिस अभिरक्षा में बिताया वह सजा में समायोजित किया जाएगा।
भारी संख्या में पुलिस बल तैनात : सीकर जेल में हुई फायरिंग को देखते हुए पुलिस ने बलवीर बानूड़ा के लिए खाटूश्यामजी व दांतारामगढ़ पुलिस को तैनात किया था। करीब तीन घंटे तक बलवीर बानूड़ा यहां रहा। इस दौरान न्यायालय परिसर में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। इसमें दांतारामगढ़, खाटूश्यामजी पुलिस व रींगस सीओ तैनात थे। न्यायालय परिसर के बाहर व अंदर भी पुलिस बल तैनात किया गया। इससे करीब तीन घंटे तक काफी गहमागहमी रही।
2006 में करड़ खारड़े में जब्त की थी अवैध शराब