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अब ज्यादा स्टूडेंट-टीचर्स जाने लगे हैं स्कूल,अटेंडेंस बढ़ी

8 वर्ष पहले
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पिछले छह सालों में रेगुलर स्कूल जाने वाले छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। यही नहीं, टीचर्स की अटेंडेंस भी बढ़ी है। यह सकारात्मक बदलाव राइट टू एजुकेशन एक्ट के तहत आया है। मानव विकास मंत्रालय के मुताबिक पिछले छह सालों में देश के प्रमुख राज्यों में स्कूल जाने वाले छात्र और शिक्षकों की संख्या सुधर गई है। पूरे देश में टीचर अटेंडेंस 81.7 फीसदी से 84.3 फीसदी हो गया है। राज्यों में भी अटेंडेंस सुधरी है। सिर्फ उत्तराखंड में प्राइमरी और अपर प्राइमरी लेवल पर अटेंडेंस कम हो गई है। हालांकि मंत्रालय के मुताबिक टीचर अटेंडेंस कम होने की वजह चुनावी ड्यूटी हो सकती है।



एआईपीएमटी के लिए अब 31 जनवरी तक कर सकेंगे आवेदन

मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए होने वाले ऑल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट ((एआईपीएमटी)) के लिए छात्र अब 31 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं। सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकंडरी एजुकेशन ने यह फैसला लिया है। अब तक आवेदन की आखिरी तारीख 31 दिसंबर थी। लेकिन अब छात्र 1000 रु. का अधिक शुल्क देकर 31 जनवरी तक आवेदन कर सकेंगे। परीक्षा 4 मई को होगी।

आईआईएम, आईएसबी, ज़ेवियर्स जैसे शीर्ष

बी-स्कूल में छात्रों का प्रवेश बेहद कठिन होता है। यहां वे छात्र ही प्रवेश पाते हैं जिनका न सिर्फ एकेडमिक बैकग्राउंड स्ट्रॉन्ग हो बल्कि कम्युनिकेशन स्किल भी बेहतरीन हो। प्लेसमेंट के दौरान भी छात्रों का सेल्फ कॉन्फिडेंस परखा जाता है। इन इंस्टीट्यूट्स ने पहले से किसी कंपनी में काम कर रहे फ्रेशर्स और सीनियर्स का वर्क एक्सपीरियंस बेहतर बनाने के लिए कुछ कोर्सेस शुरू किए हैं। इनमें एग्जिक्यूटिव प्रोग्राम्स और मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम्स शामिल हैं। ये कोर्सेस प्रोफेशनल्स को अलग-अलग सीनियर लेवल पर वर्किंग स्किल्स सुधारने में मदद कर रहे हैं।



फीस

१४ लाख रुपए



कोर्स

पीजी एमबीए एग्जिक्यूटिव



वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए ये खास एमबीए है। इस एमबीए में हर प्राफेशनल्स के लिए अपना स्पेशनलाइज़ेशन है। तीन फुल टाइम कोर्सेस हैं तो एक कोर्स पार्ट टाइम है। फुल टाइम कोर्स में एनर्जी मैनेजमेंट, पब्लिक पॉलिसी और नेशनल मैनेजमेंट भी है। यह ज्यादा लोकप्रिय है और 1987 में शुरू हुआ था। अब इसे कन्सोर्टियम एग्जिक्यूटिव मैनेजमेंट प्रोग्राम कहते हैं। यह अब फ्रेंच बिजनेस स्कूल, ईएससीपी-यूरोप की पार्टनरशिप में पढ़ाया जाता है।



मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट- गुडग़ांव



15 महीनों का एग्जिक्यूटिव पीजी डिप्लोमा कोर्स उन मैनेजर्स के लिए है जो फिलहाल किसी छोटी पोस्ट पर हैं। उन्हें अपने से बड़ी पोस्ट के काम करने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है। आईएमटी गाजि़याबाद के इस कोर्स के लिए दुबई, हैदराबाद और नागपुर में भी कैंपस हैं। इसके लिए पांच साल का वर्क एक्सपीरियंस जरूरी है।

फीस

७ लाख

60 हजार रुपए



कोर्स

पीजी डिप्लोमा एग्जिक्यूटिव

आईएमटी- गाजि़याबाद

छोटे-बड़े उद्योगों के लिए एक प्रोग्राम और 30 अन्य नए प्रोग्राम के साथ आईआईएम अहमदाबाद ने इस साल ही मैनेजमेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम ((एमडीपी)) कोर्स की शुरू किया है। यह एक साल का कोर्स है। इसमें वर्किंग प्रोफेशनल्स को मैनेजेरियल कॉन्सेप्ट्स और टेक्नीक्स के बारे में प्रैक्टिकली पढ़ाया जाएगा। पब्लिक और हेल्थ सिस्टम्स पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। अब तक पिछले कोर्सेस से करीब 51 हजार मैनेजर्स यहां से ट्रेनिंग ले चुके हैं।



फीस

२१ लाख रुपए

कोर्स

एग्जिक्यूटिव एमडीपी

आईआईएम - अहमदाबाद

आईएसबी के सेंटर फॉर एग्जिक्यूटिव एजुकेशन में कई शीर्ष बी-स्कूल की फैकल्टी उभरती अर्थव्यवस्था पर चर्चा करने के लिए आती है। यहां वर्किंग प्रोफेशनल्स को अपनी पर्सनल स्किल्स और निखारने का मौका दिया जाता है। यह एक साल का कोर्स है। हर कोर्स के लिए विषय विशेषज्ञों के गेस्ट लेक्चर होते हैं।



फीस

२ लाख 50 हजार रु.

कोर्स

एग्जिक्यूटिव एजुकेशन

पुराने मैनेजमेंट कॉन्सेप्ट्स को नए रूप में पेश करना एक्सएलआरआई के एग्जिक्यूटिव प्रोग्राम्स में शामिल है। ये दो साल के कोर्स हैं। इनमें मैनेजर्स को अपने-अपने फील्ड में बड़ी जिम्मेदारी को आसानी से किस तरह निभाया जाए इसकी प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाती है। इसमें एचआर, जनरल मैनेजमेंट, ऑर्गनाइज़ेशनल बिहेवियर, मार्केटिंग और फाइनांस, इंफॉर्मेशन सिस्टम्स और इंडस्ट्रियल रिलेशन्स भी शामिल हैं।



फीस

5 लाख 50 हजार रु.

कोर्स

एग्जिक्यूटिव प्रोग्राम्स

पर्सनालिटी डेवलपमेंट कोर्सेस



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