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सरपंच यूनियन ने कार्यशाला का किया बहिष्कार
श्रीकरणपुर. अरोड़वंश भवन में राजस्थान कौशल एवं आजीविका विकास निगम द्वारा आयोजित जेंडर प्रशिक्षण कार्यशाला व साधारण सभा की बैठक का बहिष्कार सामूहिक सरपंच यूनियन द्वारा किया गया। इस दौरान तहसील अध्यक्ष गुरदीपसिंह ने विकास अधिकारी आदित्य आनंद को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने महानरेगा कार्यों का भुगतान सीधे फर्म को करने के आदेश का विरोध किया है। कार्यशाला में ग्राम सचिवों ने ही भाग लिया। इनके द्वारा कार्यशाला में रुचि नहीं दिखाने पर विकास अधिकारी ने ग्राम सेवकों के प्रति नाराजगी जताई। कार्यक्रम में सरपंचों व सचिवों को गांव की विकास योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए अपनाई जाने वाली सावधानियां व नियमों आदि की जानकारी दी जानी थी। कार्यशाला में निगम की जिला प्रबंधक सेतू सेठी, सलाहकार शिखा मुंजाल, ट्रैनर राजकुमार नागपाल तथा योगेंद्रशर्मा ने आजीविका विकास निगम के गठन, उद्देश्य, कार्ययोजना पर प्रकाश डाला।
सूरतगढ़. राजस्थान पंचायतीराज रिफ्रेशर अभियान के तहत दो दिवसीय जेंडर संवेदी कार्यशाला बुधवार से पंचायत समिति में आरंभ हुई। प्रधान सुभाष भूकर व बीडीओ सुल्तानाराम बेनीवाल ने दीप जला कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रधान ने महिला शिक्षा को बढावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिलाएं शिक्षित होंगी, तभी वे अपने अधिकारों व कानून के बारे में जान सकेंगी। इसके लिए उन्होंने ग्रामीण जनप्रतिनिधियों को बेटियों को शिक्षित बनाने के लिए प्रेरित किया। बीडीओ ने जेंडर संवेदी के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी। कार्यालय सहायक राकेश शर्मा ने महिला सभा के आयोजन की जानकारी दी। ग्राम सचिव बिहारीलाल ओझा ने घरेलू हिंसा के बारे में बोलते हुए कहा कि अशिक्षित होने के कारण कुछ महिलाएं उत्पीडऩ व शोषण का शिकार होती हैं, क्योंकि उनको अधिकारों और कानून की जानकारी नहीं होती है। बीडीओ ने बताया कि गुरुवार तक चलने वाली कार्यशाला में सरपंच, महिला सरपंच व ग्राम सचिव भाग ले रहे हैं।
रायसिंहनगर. जेंडर संवेदी को लेकर बुधवार को पंचायत समिति सभागार में सरपंचों एवं ग्राम सेवकों की एकदिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसका शुभारंभ प्रधान लालचंद मेघवाल व सरपंच अमरीक सिंह ने दीप जलाकर किया। इस मौके पर विकास अधिकारी लक्ष्मीचंद तोमर, पंचायत प्रसार अधिकारी सुनीलकुमार बिश्नोई व विजयभूषण पाहवा ने लिंग भेद को लेकर सरपंचों एवं ग्राम सेवकों को संवेदनशीलता रखने को कहा। कार्यशाला में मानव विकास सूचकों में शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर एवं विवाह के समय आयु तथा मूलभूत आवश्यकताओं के बिंदुओं पर भी चर्चा की गई। प्रधान ने सभी जनप्रतिनिधियों को बालिकाओं की शिक्षा के प्रति लोगों को जागरुक करने को कहा। महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक राजकुमारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बालिकाओं के लिए दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी दी।