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उत्तराखंड पीडि़तों के लिए दिया 25 हजार का ड्राफ्ट, चार महीने फाइलों में दबा रहा

7 वर्ष पहले
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नगर संवाददाता - श्रीगंगानगर
पदमपुर के रिटायर्ड कर्मचारियों ने उत्तराखंड बाढ़ से बेघर लोगों की मदद के लिए 25 हजार रुपए का ड्राफ्ट दिया, लेकिन ड्राफ्ट प्रभावितों तक पहुंचना तो दूर, पदमपुर तहसील में चार महीने तक फाइलों में दबा रहा। ड्राफ्ट के अवधिपार होने के बाद तहसील प्रशासन ने उसकी सुध ली और 25 जनवरी को वह ड्राफ्ट जिला प्रशासन को भेजा गया। प्रशासन ने ड्राफ्ट के अवधिपार होने के कारण पदमपुर तहसीलदार को वापस भिजवा दिया है।
सूत्रों के अनुसार पदमपुर के सेवानिवृत्त कर्मचारी संघ ने 15 अक्टूबर 2013 को 25 हजार रुपए की दान राशि का ड्राफ्ट वहां एसडीएम को सौंपा था। मुख्यमंत्री सहायता कोष के नाम से जारी यह ड्राफ्ट उत्तराखंड बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भेजा जाना था। एसडीएम कार्यालय से यह ड्राफ्ट जिला मुख्यालय भिजवाने के लिए पदमपुर तहसीलदार को भेजा गया, लेकिन वहां उक्त ड्राफ्ट किसी फाइल में दब गया और इसे भिजवाना सब भूल गए। अब हाल ही में बाबुओं ने पुरानी फाइलों को खंगाला तो एक फाइल में 25 हजार रुपए का ड्राफ्ट देख सब हक्के-बक्के रह गए। आनन-फानन में तहसीलदार सुमित्रा बिश्नोई ने पत्र लिखकर ड्राफ्ट डीएसओ को भिजवा दिया। डीएसओ ने बैंक अधिकारियों को ड्राफ्ट दिखाया तो बताया गया कि उक्त ड्राफ्ट अवधिपार हो चुका है और इससे कोई मदद किसी को नहीं मिलेगी। लिहाजा डीएसओ ने ड्राफ्ट वापस पदमपुर तहसीलदार को भिजवा दिया है। डीएसओ ने लिखा है कि यह ड्राफ्ट रिन्यू कराया जाए अथवा इसे संबंधित संघ को लौटा दिया जाए।
॥यह पदमपुर तहसीलदार की लापरवाही है। उन्हें समय पर ड्राफ्ट भेजना चाहिए था। चूंकि दान राशि का ड्राफ्ट अवधिपार था। सो उन्हें वापस भिजवा दिया गया है।
सुभाष चौधरी, डीएसओ, श्रीगंगानगर।
॥वह ड्राफ्ट एसडीएम कार्यालय में दिया गया था। तहसील से उसे फारवर्ड करके जिला मुख्यालय भिजवाया जाना था, लेकिन वह ड्राफ्ट किसी फाइल में दब गया। अभी हाल ही फाइलें निकाली तो ड्राफ्ट सामने आया। उसे रिन्यू कराया जा रहा है।
सुमित्रा बिश्नोई, तहसीलदार, पदमपुर।