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सवा लाख की कार्यशाला, २१ को बुलाया, पहुंचे महज २ जनप्रतिनिधि

8 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - सिरोही/रेवदर
महिला-पुरुष के बीच भेदभाव को मिटाने के लिए सरकार द्वारा पंचायती राज विभाग के माध्यम से हरेक पंचायत समिति मुख्यालय पर जेडर संवेदी कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। प्रचार-प्रसार के अभाव में यह कार्यशाला महज खानापूर्ति तक सिमट कर रह गई। रेवदर पंचायत समिति में आयोजित दो दिवसीय कार्यशाला के हालात इतने खराब रहे कि गुरुवार को पहले दिन महज एक जनप्रतिनिधि और दूसरे दिन शुक्रवार को दो जनप्रतिधि इसमें शामिल हुए, जबकि सरकार ने कार्यशाला पर सवा लाख रुपए का बजट जारी किया है। जनप्रतिनिधियों के साथ ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की सहभागिता भी नाम मात्र तक रही। दो दिवसीय कार्यशाला में चाय, पानी, नाश्ता, भोजन, रहने की व्यवस्था समेत कई सुविधाएं कराई जानी थी। कार्यशाला को एक अलग से टैंट लगाकर उसमें प्रतिभागियों को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जानी थी, लेकिन जिले की अधिकतर पंचायत समितियों ने इसे अपने सभागार में ही आयोजित कर दिया। जनप्रतिनिधि तो दूर ब्लॉक स्तरीय अधिकारी भी कार्यशाला से गायब रहे, जबकि उनका रात्रि विश्राम कार्यशाला के भत्ते में शामिल था। शेष - पेज १८



बजट को सरेंडर किया जाएगा

॥भी जनप्रतिनिधियों को कार्यशाला के लिए सूचित किया था। आवासीय कार्यशाला में प्रतिभागियों के लिए भी सुविधाएं उपलब्ध थी। पंचायतीराज विभाग ने इसके लिए सवा लाख रुपए का बजट जारी किया था, जिसे जनप्रतिनिधियों व ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की भागीदारी के हिसाब से इसे खर्च किया जाना था। कार्यशाला में कम लोगों की भागीदारी होने से अधिकतर आवंटित बजट पंचायतीराज विभाग को सरेंडर किया जाएगा।

-हरि सिंह टाक, विकास अधिकारी, रेवदर

दोपहर को ही निपट गई कार्यशाला

प्रचार-प्रसार के अभाव कार्यशाला महज खानापूर्ति तक सीमित रही। प्रशिक्षण का आयोजन गुरुवार सवेरे ९.३० बजे से लेकर शुक्रवार की शाम को शाम पांच बजे तक था, लेकिन पंचायत समिति सदस्यों को समय पर सूचना नहीं के कारण भाग नहीं ले सके। कई जनप्रनिधि सूचना के बावजूद शिविर में नही पहुंचे। प्रशिक्षण के दौरान पहले दिन गुरुवार को २१ पंचायत समिति सदस्यों में से मात्र एक ही महिला पंचायत समिति सदस्य कंकू देवी ने भाग लिया। वहीं दूसरे दिन शुक्रवार को दो पंचायत समिति सदस्य कैसाराम कोली व कंकू देवी ने ही भाग लिया। शुक्रवार शाम ५ बजे तक कार्यशाला आयोजित की जानी थी, लेकिन दोपहर ३ बजे ही प्रशिक्षण स्थल पर सन्नाटा पसर गया। प्रशिक्षण की जिम्मेदारी देख रहे पंचायत समिति प्रचार अधिकारी घेरवचंद, चुन्नीलाल, भरतसिंह सहित अन्य अधिकारी तक गायब थे। पंचायत समिति सदस्यों के लिए कार्यशाला में ही रात को रहने की व्यवस्था करनी थी, लेकिन प्रशिक्षण स्थल पर सदस्यों के ठहरने की कोई व्यवस्था नजर नहीं आई।



यह करना था प्रशिक्षित पंचायत प्रसार अधिकारियों को

कार्यशाला को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने इसके लिए बाकायदा पंचायत समिति के पंचायत प्रसार अधिकारियों को प्रशिक्षित किया था। प्रशिक्षित पंचायत प्रचार अधिकारियों द्वारा पंचायत समिति सदस्यों एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों में जेंडर संवेदी शासन की सोच विकसित करना, पंचायत समिति के सदस्यों एवं महिलाओं के कानूनी अधिकारों को बताना, जेंडर समानता बढ़ाने की चेतना जगाना, ग्राम सभाओं व महिला सभाओं में जेंडर संवेदी मुद्दों पर जनचेतना निर्माण के लिए महिला सभा की संकल्पना को समझकर ग्राम पंचायतों में महिला सभाओं को सक्रिय करने के प्रयास करना, महिला जनप्रतिनिधियों की सफल कहानियों को साझा कर पंचायत समिति की कार्यशैली महिला जनप्रतिनिधियों को वांछित संबल एवं सहयोग देने की सोच बनाना, जेंडर संवेदी शासन की परिभाषा को समझाना, नेतृत्व कौशल गुणों की साझा पहचान एवं जेंडर समानता महिला समर्थक कानूनों की समझ पैदा करना, महिला सभा क्यों, कब और कै से आयोजन करना और महिला जनप्रतिनिधियों को सशक्त बनाने का संकल्प दिलाना कार्यशाला का उद्ेदश्य था।



जनप्रतिनिधियों ने कहा-हमें नहीं दी सूचना

कार्यशाला को लेकर दैनिक भास्कर ने पंचायत समिति सदस्यों से बातचीत की तो उन्होंने कार्यशाला की सूचना नहीं होने की बात कहीं। पंचायत समिति सदस्य झालाराम पुरोहित, हंसमुखभाई जैन, पार्वती देवी, सोनाराम ने बताया कि पंचायत समिति समिति सदस्यों एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी के साथ जेंडर संवेदी मुद्दों की कार्यशाला को लेकर पंचायत समिति से किसी भी प्रकार की कोई सूचना नहीं दी गई। यदि सूचना मिलती तो जरूर भाग लेते। वहीं पंचायत समिति सदस्य इन्द्र कंवर, वरजू देवी, रमेश कुमार, पंखू देवी,चैलाराम ने बताया कि प्रशिक्षण को लेकर फोन के माध्यम से सूचित किया था, लेकिन प्रशिक्षण किस बात का यह जानकारी नहीं दी गई।



दो दिन की आवासीय कार्यशाला में पहले दिन १ और दूसरे दिन

२ जनप्रतिनिधियों ने लिया भाग, अधिकारी भी रहे गायब