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‘बेटियों को भी सिखाना चाहिए कराटे’

7 वर्ष पहले
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ञ्चजिला कराटे एसोसिएशन की ओर से जिला स्तरीय कराटे प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
भास्कर न्यूज - आबूरोड
एसडीएम जितेंद्र कुमार सोनी ने कहा कि लड़कियों के लिए कराटे सीखना अनिवार्य होना चाहिए, ताकि अपनी सुरक्षा वह स्वयं कर सकें। वे जिना कराटे एसोसिएशन के तत्वावधान में शहर के बीएस मेमारियल स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय कराटे प्रतियोगिता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि आज हर क्षेत्र मे लड़कियां आगे बढ़ रही है, उन्हें अपनी सुरक्षा स्वयं करनी होगी। आज मां बाप अपनी पुत्री को शिक्षा के लिए शहर व घर से दूर भेजते हैं, लेकिन लड़की के बाहर जाने से लेकर जब तक वह वापस सुरक्षित घर नहीं आ जाती है, तब तक उन्हें डर लगा रहता है। इसी डर को दूर करने के लिए हर मां बाप को अपनी बेटियों को अनिवार्य रुप से सुरक्षा के हुनर सीखाना चाहिए, जिसमे कराटे व कुश्ती ऐसी सुरक्षा के साधन है, जिनसे एक बार तो लड़की अकेली होने पर भी अपनी रक्षा कर सकती है। इस मौके विशिष्ठ अतिथि जिला कराटे एसोसिएशन के अध्यक्ष विष्णु मारू ने कहा कि अब वक्त बदल गया है हमें अपनी लड़कियों को भी अपनी सुरक्षा करने के लिए कराटे सिखने होंगे। जिला कराटे एसोसिएशन के सचिव आरएस राजपूत ने बताया कि प्रतियोगिता में कुल 12 टीमों के 250 खिलाडिय़ों ने भाग लिया, जिसमें से 40 प्रतिभागियों ने गोल्ड मैडल के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं सेन्ट पॉल स्कूल आबूरोड 12 गोल्ड के साथ दूसरे स्थान पर रही। सैन्ट एंसलम स्कूल 6 गोल्ड के साथ तीसरे स्थान पर रही। प्रतियोगिता में बीएस मेमोरियल स्कूल को सर्वश्रेष्ठ टीम चुना गया। विजेताओ को सीआईटी कॉलेज के निदेशक तेजश शाह व एमएल दास ने शिल्ड प्रदान किए। कार्यक्रम में एसोसिशन के कमलेश गर्ग ने आभार व्यक्त किया तथा राकेश व्यास, राजेंद्र सोलंकी, महेश सिंह और जसवंत कुमार ने निर्णायक की भूमिका निभाई।