पुनर्भरण राशि अटकने के कगार पर
भास्कर न्यूज - चित्तौडग़ढ़
जिले में आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश देने वाले 44 प्राइवेट स्कूलों की पुनर्भरण राशि अटकने के कगार पर है। कारण, वेब पोर्टल ((विभाग की वेबसाइट)) पर उस स्कूल का पंजीकरण नहीं होना है। हालांकि सरकार ने ऐसे स्कूलों को तीन फरवरी तक वेब पोर्टल पर पंजीकरण कराने की सहूलियत भी दे दी है, लेकिन पंजीकरण के अभाव में ऐसे स्कूलों की राशि अटक जाएगी।
जिले में 508 प्राइवेट स्कूल हैं। करीब-करीब सभी स्कूलों ने इस सत्र के दौरान आरटीई के तहत पहली कक्षा ((नर्सरी या अन्य)) में 25 प्रतिशत बच्चों को निशुल्क प्रवेश देने की बात कही है। शिक्षा विभाग ने डाइस कोर्ड जारी होने वाले 454 स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया और उनका वेब पोर्टल में पंजीकरण भी हो गया। डाइस कोर्ड या अन्य कमियों की पूर्ति नहीं करने वाले 44 स्कूलों की पुनर्भरण राशि फिलहाल अटकी हुई है।
सरकार ने हाल में ऐसे स्कूलों को राहत प्रदान करते हुए 27 जनवरी से तीन फरवरी तक आरटीई के वेब पोर्टल पर पंजीकरण कराने की मोहलत दी है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय के अनुसार यह इन स्कूलों के लिए अंतिम अवसर होगा। इस बार सूचना अपलोड नहीं करने पर संबंधित स्कूल की जिम्मेदारी होगी।