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शांति महायज्ञ व हरिकथा का समापन

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज - चित्तौडग़ढ़
गंगरार के समीप सुवाणिया पंचायत के गांव खूंटिया गांव के श्री ब्रह्म भैरव तालाब की पाल पर चल रहे तीन दिवसीय 51 कुंडीय श्री विष्णु शांति महायज्ञ व हरि कथामृत का समापन बुधवार को हो गया।
उड़ीसा जगन्नाथपुरी के शिशु अनंत आश्रम के बाबा बलिआ महाराज व उनके शिष्य राईरंजनदास महाराज के सानिध्य में महायज्ञ व हरि कथामृत का आयोजन हुआ। आयोजन के अंतिम दिन बाबा बलिआ महाराज ने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि आदमी वैकुंठ जाने की बात कहता है, मगर वैकुंठ कहां है उसे पता नहीं। असल में हमारा परिवार ही वैकुंठ है और शरीर ही मंदिर है। परिवार खत्म तो संसार ही नष्ट है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी भारतीय संस्कृति से भटककर पाश्चात्य संस्कृति की ओर बढ़ रही है। हालांकि पाश्चात्य संस्कृति लंबी नहीं चलने वाली। उन्होंने पर्यावरण रक्षा का आह्वान करते हुए कहा कि किसान खेती से विमुख होते जा रहे हैं, जो पर्यावरण के लिए घातक है। मुंबई हमले के आरोपी कसाब के संदर्भ में उन्होंने कहा कि देश का कानून इतना लचीला है कि सालों तक पता ही नहीं चलता कि उसे सजा मिलेगी या माफी। इस बीच आतंकियों पर भी करोड़ों रुपए खर्च हो जाते हैं।
आयोजन समिति के अध्यक्ष देवकृष्ण त्रिपाठी, कोषाध्यक्ष भरत डंग तथा महासचिव भैरुलाल मेनारिया ने बताया कि कार्यक्रम के तहत 27 जनवरी को कलश यात्रा व कथा, 28 को हवन व कथा हुई। बुधवार को संत सम्मान के साथ पूर्णाहुति हुई। मुख्य यजमान पूर्व सरपंच हीरालाल मेनारिया थे। कार्यक्रम संयोजक चतरलाल मेनारिया, भंडार प्रभारी कन्हैयालाल त्रिपाठी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष कालूलाल जाट, उपाध्यक्ष नारायणलाल, व्यवस्थापक सत्यनारायण शर्मा आदि ने सहयोग दिया। पूर्णाहुति के अवसर पर योगेश व्यास, सीए सुशील शर्मा, राधेश्याम चाष्टा, शेखर शर्मा, हरीश डंग, चेतन गौड़ आदि मौजूद थे।