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टीचर नहीं थे, इसलिए करनी पड़ी छुट्टी

7 वर्ष पहले
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चित्तौडग़ढ़. सेंती सीनियर स्कूल में ११ वीं कक्षा का छात्र गौरीशंकर इसलिए स्कूल समय में ही बाहर आ गया था कि पढ़ाने वाले अध्यापक नहीं थे। स्कूल प्रबंधन ने अगले पीरियड नहीं चलने की बात कह दी थी। बाहर आते ही स्कूल के ही अन्य छात्र ने उसकी जान ले ली, जो आज खुद स्कूल में नहीं आया था।
ठुकरावा का गौरीशंकर तीन साल से इसी स्कूल में पढ़ रहा था। गुरुवार सुबह 10.30 बजे प्रार्थना के बाद उसने हिंदी का पीरियड अटेंड किया। दूसरे पीरीयड के बाद ब्रेक हुआ और सूचना मिली कि अब आज सब्जेक्ट टीचर नहीं है, इसलिए आगे की कक्षाएं नहीं चलेगी। गौरीशंकर रिश्तेदार सहपाठी के साथ बाहर आ गया। पिछवाड़े में बास्केटबाल खेल मैदान की ओर जा रहा था। बेग कंधे पर लटका था। तभी उम्र में बड़े, मगर क्लास में जूनियर लालजी का खेडा निवासी देवीलाल लोधा उसके पास पहुंचा और चाकू निकाल कर हमला कर दिया। गौरीशंकर के गले में रुमाल बंधा था। दोस्त ने उसी से खून के फव्वारों को रोकने का प्रयास किया।
घटना के बाद मीडिया टीम स्कूल पहुंची और प्रधानाध्यापक बिहारीलाल से अगली कक्षाएं नहीं चलने का कारण पूछा तो कहना था कि स्कूल में सब्जेक्ट टीचर के पद रिक्त है। पांच टीचर नहीं होने के कारण गुरुवार को छह पीरीयड खाली थे, लिहाजा छात्रों को घर पर ही पढाई करने के लिए कह दिया था। कॉमर्स के तीन व्याख्याता छुट्टी पर थे। प्रधानाध्यापक के अनुसार विकास समिति के माध्यम से दो सब्जेक्ट टीचर भी अपने स्तर पर लगाकर शिक्षण कार्य करवाने की व्यवस्था की है।