बजरी पर फिर बवाल
भास्कर न्यूज - राशमी
बनास नदी में से बजरी खनन व निर्धारित रॉयल्टी से अधिक की वसूली को लेकर फिर बवाल मच गया। गुरुवार को विधायक सहित जनप्रतिनिधि व ग्रामीण निर्धारित रॉयल्टी से अधिक की वसूली पर रोष जताते हुए थाने पर पहुंचे। थाने में परस्पर मामले भी दर्ज हुए। रायल्टी ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा गत रात एक गाड़ी को रोक कर उसमें सवार दो व्यक्तियों पर हमले के विरोध में कुछ लोग थाने के बाहर धरना प्रदर्शन करने लगे। सूचना पर विधायक अर्जुनलाल जीनगर, पूर्व विधायक बद्रीलाल जाट, भाजयुमो मंडल अध्यक्ष महावीरसिंह राणावत पहुंचे। एएसपी आशाराम चौधरी, डीएसपी अमरसिंह लोधा, भूपालसागर एसएचओ दलपतसिंह सहित जाब्ता भी तैनात रहा। पूर्व विधायक बद्रीलाल जाट का कहना था कि ठेकेदार द्वारा अवैध वसूली की जा रही है। इधर पुलिस थाने में तीन अलग अलग प्रकरण दर्ज हुए।
शिवा कारपोरेशन इंडिया जयपुर के निदेशक आशुसिंह भाटी की पावर आफ अर्टानी होल्डर वैशाली जयपुर निवासी सुरेन्द्रसिंह पुत्र नाहरसिंह राजपूत ने अदालत में परिवाद के माध्यम से बनाकियांकलां निवासी राजेन्द्र उर्फ राजू पुत्र नारायण अहीर, जालमपुरा निवासी देवीलाल पुत्र नारु अहीर के खिलाफ मामला दर्ज कराया। जिसके अनुसार मरमी के पास नदी में अनाधिकृत दो पोकलेंड एलएंडटी व एक जेसीबी आठ-दस दिन से उतार रखी है। बजरी रॉयल्टी की चोरी कर रहे हैं। रोकने पर 15-20 लोगों का गिरोह हथियारों से कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी देते हैं। दूसरे प्रकरण में पुनावता निवासी रतनलाल पुत्र उदयराम जाट ने बताया कि उसकी बोलेरो को रात्रि पौने 12 बजे लसाडिय़ाखुर्द चेक पोस्ट के पास केंपर गाड़ी में बैठे आठ-दस जनों ने उतर कर रुकवाया और सरिये, तलवार से गाड़ी पर हमला कर कांच व बोनट तोड़ दिया। दोनों को नीचे उतारते हुए मारने की धमकी दी व मारपीट शुरू कर दी। जिनमें से दो व्यक्ति लांगच निवासी दशरथसिंह व हरियाणा के प्रहलादसिंह थे। बाकी लोग हरियाणा के थे। इन्हें गिरफ्तार करने की मांग को लेकर थाने के बाहर धरना दिया गया। तीसरे प्रकरण में बनाकिया निवासी कालूराम पुत्र लोभचंद अहीर व पूर्व विधायक बद्रीलाल जाट ने बताया कि एक माह से बजरी ठेकेदार सुरेन्द्रसिंह व नाहरसिंह राजपूत ने बजरी खनन के नाम पर अवैध वसूली का धंधा चला रखा है। सरकार द्वारा तय रॉयल्टी के अलावा भी रास्ता खर्च, भराई खर्च तथा अलग-अलग फर्मों के नाम से 5325 तो कभी 2825 रुपए की रसीदें काट कर अवैध वसूली कर रहे हैं।
विधानसभा में भी उठाया मामला: विधायक अर्जुनलाल जीनगर ने कहा कि बजरी ठेकेदार को 25 रुपए प्रति टन से वसूली का अधिकार है, पर 100, 200 तो कहीं 250 रुपए प्रति टन वसूली कर रहे हैं। यह मुद्दा मैंने विधानसभा में भी उठाया। मुख्यमंत्री से भी जिले के विधायकों ने मिलकर बात बताई। सीएम ने कलेक्टर को ठेकेदार को पाबंद करने को कहा कि 25 रुपए प्रति टन के अलावा उसका मुनाफा जोडकर 35 से 37 रुपए टन व अधिकतम 40 रुपए टन ही ले।
> राशमी. बजरी रॉयल्टी ठेकेदार के खिलाफ पुलिस थाने के बाहर धरना देते हुए लोग।